कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने व गिरफ्तार करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और इस दौरान चंडीगढ़ स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने पानी की बौछारें कीं। पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, विधायक और कार्यकर्ता सेक्टर-17 में प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए थे। कांग्रेस की पंजाब इकाई ने बृहस्पतिवार को घोषणा की थी कि नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट सीईसी कुमार के खिलाफ विरोध मार्च का नेतृत्व करेंगे।
हालांकि, शुक्रवार को उनकी अनुपस्थिति में वड़िंग ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं जालंधर से मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी भी प्रदर्शन के दौरान मौजूद नहीं रहे। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ने के लिए पुलिस के अवरोधक को लांघने की कोशिश की तो चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने से पहले कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर की गई है और नागरिकों से उनके मतदान के अधिकार छीने जा रहे हैं। वड़िंग, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘‘वोट चोरी बंद करो’’ का नारा लगाते हुए मांग की कि कुमार को बर्खास्त किया जाए, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए।
वड़िंग ने कहा, ‘‘इस देश में वोट चोरी हो रही है। भाजपा वोट चोरी करके सरकारें बना रही है। एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रोका जाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने हरियाणा और महाराष्ट्र का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘जो चुनावी जीत दिख रही है, वह वास्तव में वोटों की चोरी है।’’
वड़िंग ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को लगे बड़े झटके के बाद किसी को भी इन दोनों राज्यों में उसकी जीत की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी हेरफेर किया गया था। उन्होंने दोहराया कि पंजाब में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) रद्द किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन में सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह, राणा गुरजीत सिंह, धर्मवीर गांधी, विजय इंदर सिंगला और बलबीर सिंह सिद्धू सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। रंधावा ने कहा कि राहुल गांधी पिछले तीन वर्षों से कह रहे हैं कि निर्वाचन आयोग चुनावों में धांधली करने के लिए भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और निर्वाचन आयोग दोनों देश के नागरिकों के सामने बेनकाब हो चुके हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया था कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने उस बात का समर्थन किया है जिसे वह एक साल से अधिक समय से कहते आ रहे हैं कि देश की चुनावी व्यवस्था “बर्बाद” हो गई है। यह दावा एक अंग्रेजी दैनिक की उस खबर के सामने आने के बाद किया गया जिसमें कहा गया था कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से नाम हटाने और जोड़ने संबंधी मुद्दों पर चिंता जताई थी।
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