Pudina Kanji Vada Recipe: मई और जून की चिलचिलाती धूप में पाचन तंत्र को दुरुस्त रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में उत्तर भारत और राजस्थान की पारंपरिक डिश पुदीना कांजी वड़ा एक बेहतरीन ऑप्शन है। पुदीने की ठंडी तासीर और राई का पाचक पानी मिलकर पेट को अंदर से बिल्कुल ठंडा रखते हैं और गैस, एसिडिटी व बदहजमी जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं। आइए देखते हैं इसे बनाने की आसान विधि क्या है।
एक कप भीगी हुई मूंग दाल
एक कप ताजा पुदीना
आधा कप हरा धनिया
दो से तीन हरी मिर्च
दो बड़े चम्मच पिसी हुई राई
आधा छोटा चम्मच हींग
एक बड़ा चम्मच काला नमक
स्वादानुसार नमक
लाल मिर्च
हल्दी पाउडर
तेल
Image: freepik
एक मिट्टी या कांच के बर्तन में डेढ़ लीटर उबला और ठंडा किया हुआ पानी लें। अब मिक्सी में पुदीना, हरा धनिया और हरी मिर्च को थोड़े से पानी के साथ पीसकर बारीक पेस्ट बना लें और इसे पानी में मिक्स कर दें।
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इस पानी में पिसी हुई राई, हींग, काला नमक, सफेद नमक, हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालकर चलाएं। अब बर्तन के मुंह को सूती कपड़े से बांधकर एक से दो दिन के लिए धूप या गर्म जगह पर रखें ताकि पाचक खमीर उठ जाए।
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मूंग दाल को कम पानी के साथ मिक्सी में दरदरा पीस लें। अब इस पिसी दाल में एक चुटकी हींग, थोड़ा सा नमक और बारीक कटा पुदीना मिलाएं। दाल को पांच मिनट तक फेंटें ताकि वड़े एकदम स्पंजी बनें।
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तेल गर्म करें और हाथों को गीला करके छोटे-छोटे वड़े सुनहरे होने तक तलें। तले हुए वड़ों को तुरंत गुनगुने पानी में दस मिनट के लिए डाल दें ताकि इनका एक्स्ट्रा तेल निकल जाए और ये बिल्कुल सॉफ्ट हो जाएं।
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दस मिनट बाद वड़ों को हथेलियों से हल्के से दबाकर पानी निचोड़ें और इन्हें तैयार कांजी के खट्टे पानी में डाल दें। अब फ्रिज में रख दें। पेट को तृप्त करने वाला ठंडा, चटपटा पुदीना कांजी वड़ा तैयार है।
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