- भीगे अंजीर और अदरक मतली-पाचन सुधारते, मीठा कम खाएं.
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं और इनका असर खान-पान पर भी पड़ता है. इस समय पेट भरने के साथ यह भी ध्यान रखना पड़ता है कि मां और बच्चे को जरूरी पोषण मिल रहा है या नहीं, कई महिलाओं को कब्ज, थकान, पैरों में ऐंठन और मतली जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.ऐसे में डाइट में छोटे-छोटे बदलाव काफी मददगार हो सकते हैं. तो आइए जानते हैं कि प्रेग्नेंसी में कब्ज की परेशानी के लिए डाइट और खाने का सही तरीका क्या है.
प्रेग्नेंसी में खाने का सही तरीका क्या है?
प्रेग्नेंसी में बड़े और भारी खाने की जगह कम मात्रा में लेकिन बार-बार खाना बेहतर तरीका बताया गया. इसके साथ पर्याप्त मात्रा में पानी और दूसरे लिक्विड लेना भी जरूरी है. हर मील में पोषण का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. साथ ही मौसमी और स्थानीय फलों को डाइट का हिस्सा बनाना भी फायदेमंद हो सकता है.
प्रेग्नेंसी में कब्ज की परेशानी के लिए सही डाइट क्या है?
1. डाइट में फाइबर वाले फल शामिल करें. सेब, अमरूद, कीवी, आड़ू, बेर और एवोकाडो जैसे फल डाइट में शामिल किए जा सकते हैं. इनमें फाइबर पाया जाता है, जो कब्ज और पाचन से जुड़ी परेशानी में मदद कर सकता है.
2. प्रेग्नेंसी में सिर्फ प्यास लगने पर पानी पीना पर्याप्त नहीं है. पानी, नारियल पानी, लस्सी, छाछ और नींबू पानी जैसे लिक्विड प्रोडक्ट्स लिए जा सकते हैं. खरबूजा और तरबूज भी पानी की ज्यादा मात्रा के कारण हाइड्रेशन में मदद कर सकते हैं.
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3. अंडे, दूध, डेयरी प्रोडक्ट्स और दालें प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं. दही में प्रोटीन, कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं, इसलिए इसे भी डाइट में शामिल किया जा सकता है.
4. कब्ज की परेशानी में अंजीर को रातभर भिगोकर प्रून्स के साथ खाने की सलाह दी गई है. वहीं अदरक मतली और पाचन में मदद कर सकता है. भीगे हुए बादाम भी डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं.
5. मीठी चीजों, प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा शुगर वाले सोडा का सेवन कम करने की सलाह दी गई है.चाय-कॉफी की मात्रा भी सीमित रखनी चाहिए. शेक, शरबत और ठंडाई लेते समय उनमें मौजूद शुगर का ध्यान रखना जरूरी है.
जेस्टेशनल डायबिटीज में फलों की मात्रा रखें ध्यान
प्रेग्नेंसी में फल खाना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन उनकी मात्रा पर ध्यान देना भी जरूरी है, खासकर जेस्टेशनल डायबिटीज होने पर आम, खरबूजा, तरबूज, केला, अंगूर और चीकू जैसे शुगर वाले फलों से ब्लड शुगर बढ़ सकता है. ऐसी स्थिति में फल की सही मात्रा के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. सामान्य तौर पर दिन में 2 से 3 फल सर्विंग को प्रेग्नेंसी में पर्याप्त बताया गया है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें
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