पोलैंड के राष्ट्रपति कारो्ल नावरोत्स्की ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से यूक्रेनियन इंसर्जेंट आर्मी (UPA) के सम्मान को वापस लेने की मांग की है। पोलैंड का आरोप है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान UPA ने हजारों पोलिश नागरिकों की हत्या की थी। वारसॉ ने संकेत दिया है कि जवाब नहीं मिलने पर जेलेंस्की को मिला सर्वोच्च पोलिश सम्मान भी वापस लिया जा सकता है। विवाद तब शुरू हुआ जब जेलेंस्की ने एक विशेष कमांडो यूनिट का नाम “UPA के नायकों” के नाम पर रखा। UPA, ऑर्गेनाइजेशन ऑफ यूक्रेनियन नेशनलिस्ट्स (OUN) की सैन्य शाखा थी। पोलैंड का कहना है कि OUN और UPA ने जातीय रूप से एकरूप यूक्रेनी राष्ट्र की विचारधारा को बढ़ावा दिया और पोलिश नागरिकों के खिलाफ हिंसक अभियान चलाए। पोलिश अधिकारियों के अनुसार, UPA ने वर्तमान पश्चिमी यूक्रेन क्षेत्र में करीब एक लाख पोलिश नागरिकों की हत्या की थी। पोलैंड इन घटनाओं को जनसंहार के रूप में मान्यता देता है। रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति नावरोत्स्की ने जेलेंस्की को 2023 में दिया गया ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट ईगल’ वापस लेने की पहल का समर्थन किया है। यह पोलैंड का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यूक्रेन में UPA और अन्य राष्ट्रवादी संगठनों को स्वतंत्रता सेनानी के रूप में सम्मान दिया जाता है, जबकि पोलैंड इन्हें पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जोड़कर देखता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… यूक्रेन को दिए हथियारों का हिसाब मांगेगा स्लोवाकिया
स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फित्सो ने घोषणा की है कि उनका देश यूक्रेन को दान किए गए सैन्य उपकरणों के बदले यूरोपीय संघ (EU) से मुआवजे की मांग करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री एडुआर्ड हेगर की सरकार ने इस समझौते को लेकर स्लोवाक जनता को गुमराह किया था। फित्सो ने रविवार को फेसबुक पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि वह अगले सप्ताह होने वाले EU शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे को उठाएंगे। उनके मुताबिक, पिछली सरकार ने यूक्रेन को लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम देकर देश की सुरक्षा क्षमता को कमजोर कर दिया। रूस-यूक्रेन संघर्ष तेज होने के बाद 2022 और 2023 के दौरान स्लोवाकिया ने यूक्रेन को सोवियत दौर के टैंक, इन्फैंट्री फाइटिंग व्हीकल, MiG-29 लड़ाकू विमान और S-300 एयर डिफेंस सिस्टम समेत बड़ी मात्रा में सैन्य उपकरण दिए थे। उस समय यह समझौता हुआ था कि यूक्रेन को दिए गए उपकरणों की भरपाई पश्चिमी देशों के आधुनिक सैन्य साजोसामान से की जाएगी। फित्सो लंबे समय से रूस के खिलाफ यूरोपीय संघ की नीतियों के आलोचक रहे हैं। वह यूक्रेन को सैन्य सहायता और रूस पर प्रतिबंधों का विरोध करते रहे हैं। उनका कहना है कि इन नीतियों का आर्थिक नुकसान यूरोपीय देशों को ही उठाना पड़ रहा है, खासकर ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में। रूसी हमले में यूक्रेन के 5 की मौत 13 घायल, कीव के प्रसिद्ध चर्च में लगी आग
रूस ने सोमवार को यूक्रेन पर हमला किया, जिसमें खार्किव में 5 बचावकर्मियों की मौत हो गई। वहीं,राजधानी कीव में 13 लोग घायल हो गए। हमले में यूक्रेन के प्रमुख धार्मिक स्थल कीव-पेचेर्स्क लावरा भी प्रभावित हुआ। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस परिसर के डॉर्मिशन कैथेड्रल की छत में आग लग गई। यूक्रेन के गृह मंत्री इहोर क्लिमेंको के अनुसार, खार्किव में बचावकर्मी पहले हमले के बाद लगी आग बुझा रहे थे। इसी दौरान रूस ने दूसरा हमला कर दिया, जिसमें 5 बचावकर्मियों की मौत हो गई। वहीं, कीव में भी कई जोरदार धमाके हुए। रूस ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया, जिसके बाद लोगों को बंकरों और अन्य सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी। कीव सिटी मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको ने बताया कि राजधानी में 13 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि शैवचेंकिव्स्की जिले में 30 मिनट के भीतर 5 हमले हुए। इन हमलों में 25 अपार्टमेंट, एक बाजार और कई किराना स्टोर में आग लग गई। तकाचेंको ने आरोप लगाया कि रूस ने जानबूझकर रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया। अमेरिका में विमान हादसा: 11 स्काइडाइवर और पायलट समेत 12 की मौत
अमेरिका के मिसौरी राज्य में रविवार को एक स्काइडाइविंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 11 स्काइडाइवर और एक पायलट समेत सभी 12 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक विमान उड़ान भरने के बाद पर्याप्त ऊंचाई हासिल नहीं कर पाया और एयरपोर्ट के पास ही क्रैश हो गया। बेट्स काउंटी इमरजेंसी मैनेजमेंट के अनुसार, विमान ने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11:20 बजे उड़ान भरी थी। यह विमान एक स्काइडाइविंग कंपनी द्वारा लीज पर लिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि टेकऑफ के बाद विमान ऊंचाई नहीं पकड़ सका। इसके बाद उसने अचानक बाईं ओर तेज मोड़ लिया और बटलर मेमोरियल एयरपोर्ट से करीब 200 गज दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शेरिफ के मुताबिक यह कोई कमर्शियल एयरलाइन नहीं थी, बल्कि स्थानीय एयरपोर्ट से संचालित एक छोटा विमान था। अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने विमान की पहचान Pacific Aerospace P750 के रूप में की है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.