दिल्ली में सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग के बीच 23,000 से अधिक घरों की छतों पर सौर इकाइयां (सोलर रूफटॉप) लग चुकी हैं जिनसे करीब 420 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। यह करीब दो लाख घरों एवं संस्थानों की रोजमर्रा की बिजली जरूरत पूरी कर सकती है।
राजधानी में बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनियों बीएसईएस और बीवाईपीएल ने अब तक 13,600 से ज्यादा सौर कनेक्शन चालू किए हैं, जिनकी अधिकतम बिजली उत्पादन क्षमता करीब 260 मेगावाट है।
इन सौर संयंत्रों की वजह से उपभोक्ताओं को हर साल करीब 200 करोड़ रुपये की बचत हो रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 4,600 नए कनेक्शन जुड़े जिनमें से 2,600 से ज्यादा कनेक्शन प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत हैं।
घरों में सबसे ज्यादा 9,888 सौर कनेक्शन लगे हैं जिसके बाद 2,184 वाणिज्यिक कनेक्शन, 1,009 शैक्षणिक और 207 औद्योगिक श्रेणियां हैं।
अधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ और दिल्ली सौर नीति के तहत मिलने वाली कुल 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी से लोगों के लिए सौर इकाइयां लगाना आसान हुआ है।
एक सामान्य पांच किलोवाट की सौर प्रणाली से हर महीने करीब 3,500 रुपये या उससे अधिक की बचत हो सकती है।
उत्तरी दिल्ली में बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनी टीपीडीडीएल ने भी 10,000 से ज्यादा सौर इकाइयां चालू की हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, औसतन दो किलोवाट खपत के हिसाब से करीब दो लाख घर अब सौर ऊर्जा से अपनी दैनिक बिजली जरूरत पूरी कर रहे हैं।
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