- 31 मई को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ.
- पश्चिम एशिया में तनाव से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित.
- राजस्थान में डीलरों ने कीमतों और आपूर्ति को लेकर हड़ताल की चेतावनी दी.
- सरकार ने आपूर्ति और मांग बेहतर करने के उपाय किए.
Petrol-Diesel Rate Today on May 31: आज रविवार, 31 मई को सरकारी तेल कंपनियों ने देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया. ईंधन के रेट में ताजा बढ़ोतरी सोमवार, 25 मई को हुई थी, जब पेट्रोल और डीज़ल दोनों की कीमतें 2.50 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा बढ़ा दी गईं. यह दो हफ्तों से भी कम समय में कीमतों में की गई चौथी बढ़ोतरी थी.
पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है. इसके चलते भारत के लिए भी आयात महंगा हो गया है. काफी लंबे समय तक नुकसान झेलने के बाद अब तेल कंपनियों के पास रेट बढ़ाने के अलावा कोई चारा नहीं था.
शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.18 रुपये | 97.83 रुपये |
| कोलकाता | 113.47 रुपये | 99.82 रुपये |
| चेन्नई | 107.77 रुपये | 99.55 रुपये |
| बेंगलुरु | 110.93 रुपये | 98.80 रुपये |
| भोपाल | 114.54 रुपये | 99.64 रुपये |
| चंडीगढ़ | 101.51 रुपये | 89.47 रुपये |
| देहरादून | 100.54 रुपये | 96.00 रुपये |
| पटना | 113.35 रुपये | 99.36 रुपये |
सरकार पहले ही कर चुकी है कई उपाय
ईरान में चल रहे संघर्ष और होर्मुज के आसपास बढ़ते तनाव के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार ऊपर-नीचे हो रही हैं. सरकार ने पहले ही सप्लाई और डिमांड- दोनों ही तरफ कई सुधार उपाय लागू किए हैं. इनमें रिफाइनरीज में प्रोडक्शन को बढ़ाना, शहरी इलाकों में बुकिंग का अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन तक करना तथा आपूर्ति के लिए विभिन्न क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है.
राजस्थान में बिगड़े हालात
PTI की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार ईंधन की कीमतों, आपूर्ति की कमी और डीलरों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो 1 जून से पूरे राज्य में पेट्रोल पंप संचालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. VAT में कमी भी एसोसिएशन की मुख्य मांगों में से एक है. एसोसिएशन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और 1 जून से पहले सरकार के साथ बैठक करने की मांग रखी.
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी ने आरोप लगाया कि बार-बार पत्र और ईमेल भेजने के बावजूद प्रमुख सचिव के स्तर पर कोई बैठक नहीं बुलाई गई है. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, “डीलरों को जिस सबसे बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, वह है पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में रुकावट. राज्य में कई पेट्रोल पंपों में रोजाना पेट्रोल-डीजल खत्म हो रहा है.”
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