सोमवार, 2 मार्च 2026 को हुई केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की 239वीं बैठक में ‘ऑटो-सेटलमेंट’ की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी गई है. शुरुआती चरण में लगभग 1.33 लाख खातों को चुना गया है, जिनमें करीब 5.68 करोड़ रुपये जमा हैं. इस प्रयोग की सफलता के बाद, ईपीएफओ इस सीमा को बढ़ाकर 1,000 रुपये से अधिक वाले खातों के लिए भी लागू करने की योजना बना रहा है. ईपीएफओ के पास वर्तमान में 28.34 लाख करोड़ रुपये का विशाल फंड है और करीब 7.83 करोड़ सक्रिय सदस्य हैं.
क्या होता है निष्क्रिय पीएफ खाता
यदि आप 55 वर्ष की आयु में रिटायर हो चुके हैं और अगले 3 साल तक खाते में कोई नया पैसा जमा नहीं हुआ, तो वह ‘इनऑपरेटिव’ या निष्क्रिय हो जाता है. निष्क्रिय होने के बाद इस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है. वहीं, यदि आपकी उम्र 55 साल से कम है और आपने नौकरी छोड़ दी है तो आपका खाता 58 वर्ष की आयु तक ब्याज कमाता रहता है, भले ही उसमें नया अंशदान न आ रहा हो.
31.81 लाख इनऑपेरेटिव अकाउंट
31 मार्च 2025 तक देश में 31.83 लाख निष्क्रिय पीएफ खाते थे, जिनमें 10,181 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि फंसी हुई है. 12.90 लाख खाते (40.52%) 5–10 साल से निष्क्रिय हैं, जिनमें ₹3,402.25 करोड़ जमा है. 6.93 लाख खाते (21.75%) 20 साल से अधिक समय से निष्क्रिय हैं, जिनमें ₹1,018.20 करोड़ जमा है. 4.42 लाख खाते (18.12%) 3–5 साल से निष्क्रिय हैं, जिनमें ₹2,336.32 करोड़ जमा है.
राशि के हिसाब से देखें तो 29.43 लाख खाते ऐसे हैं जिनमें 50,000 रुपये से कम बैलेंस है. दिलचस्प बात यह है कि जहां कम राशि वाले निष्क्रिय खातों की संख्या बहुत ज्यादा है, वहीं मात्र 13,000 खाते ऐसे हैं जिनमें 10 लाख रुपये से अधिक का बैलेंस है. इन बड़े खातों में कुल 4,553 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं.
बिना कागजी कार्रवाई के कैसे मिलेगा पैसा?
इस नई योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरलता है. यदि आपका पुराना पीएफ खाता आपके आधार (Aadhaar) और बैंक खाते से लिंक है, तो आपको न तो कोई नया क्लेम फॉर्म भरना होगा. न ही पुराने नियोक्ता (Employer) के पास जाकर सत्यापन कराना होगा और न ही ईपीएफओ दफ्तर के चक्कर काटने होंगे. ईपीएफओ अपने डेटाबेस से आपके सक्रिय बैंक खाते की पहचान करेगा और ऑटो-मोड में पैसा ट्रांसफर कर देगा. फिलहाल 10 क्षेत्रीय कार्यालयों में इसकी टेस्टिंग चल रही है.
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.