73.6% हिस्सेदारी खरीदेगी पतंजलि
इस डील के तहत पतंजलि आयुर्वेद 73.6% हिस्सेदारी खरीदेगी, जबकि डीएस ग्रुप 24.5% हिस्सेदारी का मालिक बनेगा। इससे पहले इस कंपनी की सबसे बड़ी हिस्सेदार सनोटी प्रॉपर्टीज (आदार पूनावाला समूह) थी। IRDAI की मंजूरी मिलने के बाद अब पतंजलि मग्मा जनरल इंश्योरेंस (Magma General Insurance) की प्रमोटर कंपनी बन जाएगी और कंपनी के विस्तार तथा पूंजी बढ़ाने की जिम्मेदारी भी संभालेगी।
जनरल इंश्योरेंस उद्योग की औसत वृद्धि 10%
मग्मा जनरल इंश्योरेंस पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है। कंपनी का ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम FY21 से FY25 के बीच 22% की सालाना दर (CAGR) से बढ़कर 3,334 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पूरे जनरल इंश्योरेंस उद्योग की औसत वृद्धि करीब 10% रही। इतना ही नहीं, FY25 में कंपनी घाटे से बाहर निकलकर 1 करोड़ रुपये के मुनाफे में पहुंच गई। FY26 के पहले नौ महीनों में कंपनी ने 27 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। कंपनी का सॉल्वेंसी मार्जिन 1.81 गुना है, जो नियामक द्वारा तय 1.50 गुना की न्यूनतम सीमा से ऊपर है। इसका मतलब है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत मानी जा रही है।
70 से ज्यादा इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स
मग्मा जनरल इंश्योरेंस (Magma General Insurance) फिलहाल 70 से ज्यादा इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स ऑफर करती है, जिनमें मोटर, हेल्थ, प्रॉपर्टी और अन्य जनरल इंश्योरेंस शामिल हैं। माना जा रहा है कि पतंजलि अपने विशाल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का फायदा उठाकर इन प्रोडक्ट्स को देशभर, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों तक पहुंचाएगी। पतंजलि के उत्पाद पहले से ही देशभर के करीब 2 लाख बिक्री केंद्रों, बड़े रिटेल स्टोर्स और 250 से ज्यादा पतंजलि मेगा स्टोर्स पर उपलब्ध हैं। ऐसे में कंपनी के लिए इंश्योरेंस कारोबार का तेजी से विस्तार करना आसान हो सकता है।
यह डील सिर्फ एक कारोबारी अधिग्रहण नहीं, बल्कि पतंजलि के लिए एक नए बिजनेस अध्याय की शुरुआत है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि FMCG और आयुर्वेद के बाद क्या पतंजलि इंश्योरेंस सेक्टर में भी अपनी मजबूत पहचान बना पाती है।
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