जोस कैनाले ने पहले ही सडन डेथ पेनल्टी किक पर गोल किया और ऑरलैंडो गिल ने शूटआउट में दो महत्वपूर्ण बचाव किए जिससे पराग्वे ने सोमवार को यहां पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को 4-3 से हराकर मौजूदा विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट का अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया।
राउंड ऑफ़ 32 का यह मैच अतिरिक्त समय के बाद 1-1 से बराबर रहा था। पराग्वे ने 42वें मिनट में जूलियो एनसिसो के हेडर से किए गए गोल से बढ़त हासिल की, लेकिन चार बार के चैंपियन जर्मनी के लिए काई हावर्ट्ज़ ने 52वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया।
गिल ने बाद में अपनी जीत की राज का खुलासा करते हुए कहा, ‘‘हमने प्रत्येक खिलाड़ी और प्रत्येक छोटी सी छोटी चीज का भी विश्लेषण किया था और यही वजह थी कि मैं सिर्फ दो पेनल्टी चूक पाया। यह जीत पराग्वे के लोगों को समर्पित है।’’
फीफा रैंकिंग में 34वें स्थान पर मौजूद पराग्वे की जीत पर बहुत कम सट्टा लगा था लेकिन उसने 12वें स्थान पर काबिज जर्मनी को हराकर दुनिया भर के फुटबाल प्रेमियों को हैरान कर दिया।
पराग्वे की टीम अब शनिवार को फिलाडेल्फिया में राउंड ऑफ 16 में मंगलवार को फ्रांस और स्वीडन के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेगी।
कैनाले ने कहा, ‘‘हमें कम करके आंका गया लेकिन हमें खुद पर भरोसा था। हम एक और मैच खेलने के हकदार थे। हमारी टीम की खासियत यह है कि हम एकजुट हैं। हम आज के मैच में अपनी असली ताकत दिखाने के लिए प्रतिबद्ध थे।’’
जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था क्योंकि प्रमुख प्रतियोगिताओं में सात बार पेनल्टी शूटआउट में से छह में उसने जीत हासिल की थी।
उसने 1976 के यूरोपीय चैम्पियनशिप के फाइनल में तत्कालीन चेकोस्लोवाकिया से हारने के बाद से पेनल्टी शूटआउट में लगातार छह मैच जीते थे।
इससे पहले दोनों टीमों के बीच विश्व कप में केवल एक मैच खेला गया था। जर्मनी ने 2002 में अंतिम 16 के उस मैच में पराग्वे को 1-0 से हराया था। पराग्वे ने इस तरह से 24 साल बाद उसका बदला चुकता कर दिया।
पराग्वे इससे पहले पांच बार विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में हिस्सा ले चुका था, लेकिन एक भी गोल करने में असफल रहा था। इनमें से वह केवल एक बार ही आगे बढ़ पाया था, जब उसने विश्व कप 2010 में अंतिम 16 में जापान को पेनल्टी शूटआउट में हराया था।
जर्मनी का विश्व कप 2014 के फाइनल के बाद यह पहला नॉकआउट मैच था। जर्मनी ने 2014 में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर अपना चौथा विश्व कप खिताब जीता था।
पिछले दो विश्व कप में जर्मनी ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाया था।
हावर्ट्ज़ ने कहा, ‘‘हम बड़ी उम्मीद के साथ इस विश्व कप में आए थे। इस हार को पचा पाना मुश्किल है।’’
पराग्वे ने 42वें मिनट में शानदार पासिंग के दम पर एनसिसो के लिए गोल करने का मौका बनाया।
मिगुएल अल्मिरोन ने जर्मनी के अलेक्जेंडर पावलोविच और नथानिएल ब्राउन को चकमा देते हुए बाएं पैर से मैटियस गैलार्ज़ा को पास दिया।
गैलार्ज़ा ने एनसिसो को क्रॉस पास दिया, जो जर्मनी के डिफेंडरों की नज़रों से दूर थे। उन्होंने आसानी से हेडर से गोलकीपर मैनुअल नेउर को छकाते हुए गोल कर दिया।
दूसरे हाफ में हावर्ट्ज़ ने फ्लोरियन विर्ट्ज़ से क्रॉस लिया और उस पर हेडर से गोल करके जर्मनी के प्रशंसकों में जोश भर दिया। आखिर में हालांकि उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
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