पाकिस्तान के युवा ऑलराउंडर हमजा नजर को वीजा आवेदन प्रक्रिया के दौरान भ्रामक और अधूरी जानकारी देने का दोषी पाया गया है, जिसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें दो साल के लिए बैन कर दिया है।
कमेटी ने नजर को दोषी पाया
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अनुसार नजर द्वारा क्रिकेट बोर्ड के माध्यम से वीजा के लिए आवेदन करते समय दी गई जानकारी सटीक नहीं थी। पाकिस्तान के बोर्ड ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। जांच के दौरान ये भी पता चला कि ऑलराउंडर ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान पूर्ण और सटीक जानकारी का खुलासा नहीं किया, जबकि भ्रामक विवरण दिए और महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाया। समिति ने नजर को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया, जिसके बाद कमेटी ने मौजूद सबूतों की समीक्षा की और बोर्ड को रिपोर्ट दी।
रिपोर्ट मिलने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने हमजा नजर के खिलाफ बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाया। बोर्ड ने समिति की रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद नजर को सभी तरह की क्रिकेट से दो साल के लिए निलंबित कर दिया और 10 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना भी लगाया।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने जारी बयान में कहा कि वह गलत जानकारी देने, जानकारी छिपाने और भ्रामक तथ्य जमा करने से जुड़े मामलों को अत्यधिक गंभीरता से लेता है। बोर्ड ने कहा, ”पीसीबी किसी भी व्यक्ति को बोर्ड, पाकिस्तान क्रिकेट या खेल को पसंद करने वाले और इसका सम्मान करने वाले लाखों समर्थकों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की अनुमति नहीं देगा।”
वहीं तेज गेंदबाज मोहम्मद इरफान समेत पाकिस्तान के कुछ पूर्व खिलाड़ी जाम्बिया के लुसाका में अनधिकृत टूर्नामेंट एशियाई लीजैंड्स खेलने के कारण पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा दो साल के लिये प्रतिबंधित हो सकते हैं । पीसीबी ने जारी बयान में स्पष्ट किया है कि एशियाई लीजैंड्स जैसे अनधिकृत टूर्नामेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी जिसमें मान्यता प्राप्त विदेशी लीग में भाग लेने पर दो साल का प्रतिबंध शामिल है। बयान में कहा गया ,” इसके साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड या पाकिस्तान सुपर लीग में दो साल तक क्रिकेट, कोचिंग, सलाहकार, मेंटोर या अन्य पद पर भी काम नहीं कर सकेंगे ।”
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