नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने पिछले साल पहलगाम के प्रसिद्ध बैसरन घास के मैदानों (Baisaran Meadows) में हुए भीषण आतंकी हमले के मामले में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकी नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई के नए तरीकों और सुरक्षा तंत्र में आई ‘इंटेलिजेंस की कमी’ को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं।
ड्रोन बने हथियारों की सप्लाई का नया जरिया
NIA की जांच के अनुसार, आतंकवादियों के सीमा पार बैठे हैंडलर अब लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पारंपरिक घुसपैठ के रास्तों पर निर्भर रहने के बजाय आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। जांच में पाया गया कि सीमा पार से मानव रहित हवाई वाहनों (ड्रोन) का इस्तेमाल करके भारतीय इलाके के अंदरूनी हिस्सों में हथियार, गोला-बारूद और कैश गिराए गए। ये ड्रोन बिना किसी रडार या सुरक्षा घेरे में आए उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के सुदूर जंगलों तक पहुंचने में कामयाब रहे। चार्जशीट के मुताबिक, साल 2024 की शुरुआत में बारामूला के गोगल दारा के जंगली इलाके में ड्रोन के जरिए एक बड़ी खेप गिराई गई थी, जिसमें 20 पिस्तौल, 15 लाख रुपये नकद और त्रिकोणीय आकार के ग्रेनेड शामिल थे।
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