ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह पस्त कर दिया था. भारतीय मिसाइलों के आगे पाकिस्तानी सेना लगभग सरेंडर कर चुकी थी. इसी को लेकर अब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नूरीन नियाजी ने एक बड़ा दावा किया है. नियाजी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व की हालत इतनी खराब हो गई थी कि भारत के लगातार हमलों के बाद वो मदद मांगने के लिए अंतर्राष्ट्रीय ताकतों के पास गए.
नूरीन के मुताबिक इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ झूठी जीत की कहानियां गढ़कर पाकिस्तानी अवाम को गुमराह कर रहे हैं. पाकिस्तान के हालात को लेकर एक इंटरव्यू में नियाजी ने कहा कि भारतीय हमले के बाद पाकिस्तान ने इसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाया. इसके बाद पाकिस्तानी नेतृत्व ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भारत के साथ समझौता करने की गुहार लगाई. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के सामने कई शर्तें रख दीं.
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान की बहन ने दावा किया है कि भारत ने इजरायल के कहने पर इस जंग को आगे नहीं बढ़ाया क्योंकि इस्लामाबाद उस समय इजराइल को मान्यता देने की दिशा में बढ़ रहा था. नियाजी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के साथ हुए 4 दिन के टकराव में पाकिस्तानी सेना को कमतर बताया है.
‘पाकिस्तान इजराइल को मान्यता देने वाला था’
उन्होंने दावा किया कि यह सैन्य अभियान पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मिलीभगत का नतीजा था. उन्होंने बिना कोई सबूत दिए दावा किया कि भारत ने इजराइल के कहने पर संघर्ष को आगे नहीं बढ़ाया क्योंकि पाकिस्तान इजराइल को मान्यता देने वाला था. उन्होंने कहा कि यह सैन्य टकराव जनरल आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान के सशस्त्र बलों की छवि मजबूत करने के लिए सुनियोजित तरीके से कराया गया था.
ये भी पढ़ें
पाकिस्तान को 5वीं पीढ़ी का फाइटर जेट J-35 क्यों नहीं दे रहा चीन? भारत या अमेरिका, जानें कौन है वजह
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.