OpenAI ने 1 लाख एकेडमिक रिसर्चर्स को अपने सबसे एडवांस्ड ChatGPT AI मॉडल्स का फ्री एक्सेस देने का ऐलान किया है। जानिए इसका फायदा किन लोगों को मिलेगा।
किन लोगों को मिलेगा फायदा?
कंपनी का नया ऑफर सभी ChatGPT यूजर्स के लिए नहीं है। इसका फायदा केवल मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों से जुड़े पात्र रिसर्चर्स को मिलेगा। OpenAI शुरुआती फेज में करीब 1 लाख वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स को इस प्रोग्राम में शामिल करेगा।
कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे?
चुने गए रिसर्चर्स को OpenAI के सबसे लेटेस्ट और पावरफुल AI मॉडल्स का एक्सेस मिलेगा। इसके अलावा उन्हें ChatGPT, ChatGPT Work और Codex जैसे टूल्स का इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा। साथ ही सामान्य यूजर्स की तुलना में ज्यादा Usage Limits और बड़ा Context Window मिलेगा, जिससे लंबे रिसर्च पेपर, बड़े डाटा सेट और मुश्किल प्रोजेक्ट्स पर काम करना आसान होगा।
रिसर्च में इस तरह आएगी तेजी
OpenAI का मानना है कि एडवांस्ड AI टूल्स वैज्ञानिकों की कई तरह से मदद कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, बड़े डाटा का एनालिसिस, रिसर्च पेपर की समरी निकालना, कोड लिखना और डिबग करना, ग्रांट प्रपोजल तैयार करना तथा नई रिसर्च हाइपोथीसिस डिवेलप करना पहले की तुलना में ज्यादा फास्ट और आसान हो सकता है। इससे रिसर्चर्स का समय बचेगा और वे जरूरी रिसर्च टास्क पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे।
AI कंपनी ने वैज्ञानिक रिसर्च को सपोर्ट देने के लिए 2027 तक 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा निवेश करने की बात कही है। OpenAI का मानना है कि AI का सही इस्तेमाल स्वास्थ्य, विज्ञान, इंजीनियरिंग और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई खोजों को तेज कर सकता है।
भारत के रिसर्चर्स के लिए क्या मतलब?
अगर भारत के किसी पात्र विश्वविद्यालय या रिसर्च संस्थान को इस प्रोग्राम में शामिल किया जाता है, तो वहां के रिसर्चर्स को बिना महंगे AI सब्सक्रिप्शन लिए OpenAI के सबसे एडवांस्ड टूल्स इस्तेमाल करने का मौका मिल सकता है। हालांकि कंपनी ने अभी सभी भाग लेने वाले संस्थानों की फाइनल लिस्ट जारी नहीं की है।
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