Hyderabad News: तेलंगाना में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी की गतिविधियों को लेकर चल रही एक बड़ी जांच का दायरा अब सट्टेबाजी करने वालों और प्लेटफॉर्म से आगे बढ़कर मशहूर हस्तियों के प्रचार और सोशल मीडिया पर होने वाले प्रमोशन तक पहुंच गया है.
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जिन कई जानी-मानी हस्तियों की पहचान हुई है. उनसे ऑनलाइन जुए के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाने के प्रयासों में सहयोग करने के लिए संपर्क किया गया है. वहीं, कुछ लोग अभी भी इस पहल में सहयोग नहीं कर रहे हैं. यह घटनाक्रम राज्य के उस व्यापक अभियान का एक अहम हिस्सा है, जिसका मकसद युवाओं और समाज के कमजोर तबकों के बीच ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते प्रभाव पर लगाम लगाना है.
जांच के इस फेज में मशहूर हस्तियों और डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स की उस भूमिका पर खास ध्यान दिया गया है, जिसके तहत वे विज्ञापनों, वीडियो और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए सट्टेबाजी से जुड़े ऐप्स का प्रचार करते हैं.
जांच के दौरान कई जानी मानी हस्तियों की पहचान सामने आई है
अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान कई जानी-मानी हस्तियों की पहचान की गई और उन्हें ऐसे प्लेटफॉर्म का प्रचार न करने की सलाह दी गई. जांचकर्ताओं का मानना है कि मशहूर हस्तियों वाले प्रचार सामग्री का लोगों के व्यवहार पर गहरा असर पड़ सकता है. यह उन्हें ऐसी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसा सकती है, जो राज्य के कानूनों के तहत प्रतिबंधित हैं.
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वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पहचान की गई ज़्यादातर हस्तियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और वे उन जागरूकता अभियानों में हिस्सा लेने के लिए राज़ी हो गई हैं, जिनमें ऑनलाइन जुए से जुड़े वित्तीय और सामाजिक जोखिमों के बारे में बताया जाता है. खबरों के मुताबिक, कई मशहूर हस्तियों ने ऐसे वीडियो संदेश जमा किए हैं, जिनमें लोगों को सट्टेबाजी वाले ऐप्स से दूर रहने की सलाह दी गई है.
अधिकारी इन जागरूकता प्रयासों को सट्टेबाजी वाले प्लेटफॉर्म के आकर्षण को कम करने का एक अहम जरिया मानते हैं, खासकर युवाओं के बीच, जो ऑनलाइन कंटेंट बनाने वालों और मशहूर हस्तियों से बहुत ज़्यादा प्रभावित होते हैं.
अधिकारियों ने पूरे मामले को लेकर क्या जानकारी दी है?
यह जांच सट्टेबाजी वाले ऐप्स से जुड़े प्रचार गतिविधियों के विभिन्न कानूनी और वित्तीय पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है. अधिकारियों ने संकेत दिया कि यह मामला अभी भी समीक्षा के दायरे में है और चल रही जांच के नतीजों के आधार पर आगे के फैसले लिए जा सकते हैं. हालांकि अधिकारियों ने इसमें शामिल लोगों की पहचान जाहिर नहीं की है, लेकिन उन्होंने यह साफ कर दिया है कि ऐसे प्रचार से जुड़े हर व्यक्ति से सहयोग की उम्मीद की जाती है.
कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने साथ ही साथ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए चल रहे अवैध सट्टेबाजी के नेटवर्क के खिलाफ भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. पूरे राज्य में ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े सैकड़ों मामले दर्ज किए गए हैं, जो कानून लागू करने वाली एजेंसियों के सामने मौजूद चुनौती की गंभीरता को दर्शाते हैं. जांचकर्ताओं ने बड़ी संख्या में सट्टेबाजी वाले ऐप्स की पहचान की है और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर इन प्लेटफॉर्म तक लोगों की पहुंच को रोकने के लिए कदम उठाए हैं. राज्य के भीतर इनकी उपलब्धता को सीमित करने के लिए अतिरिक्त तकनीकी उपाय भी लागू किए गए हैं.
अधिकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऑनलाइन सट्टेबाजी अभी भी प्रतिबंधित है और चेतावनी दी कि प्रचार अभियान ऐसी गतिविधियों को वैध दिखाने का एक भ्रामक माहौल पैदा कर सकते हैं. नागरिकों को पुलिस माध्यमों और साइबर अपराध रिपोर्टिंग तंत्रों के ज़रिए सट्टेबाज़ी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित किया गया है.
अधिकारियों का मानना है कि जनता का सहयोग, सख्त कार्रवाई और प्रभावशाली लोगों का जिम्मेदाराना रवैया ऑनलाइन जुए के प्रसार को रोकने तथा लोगों को आर्थिक नुकसान और उससे जुड़े सामाजिक बुराइयों से बचाने में अहम भूमिका निभाएगा.
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