दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के मामले में पूर्व भारतीय जनता पार्टी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली पुलिस के केस पर गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने बताया कि इस मामले में दोषी ठहराने या बरी करने का अंतिम आदेश 3 अगस्त 2026 को सुनाया जाएगा।
दोनों पक्षों की दलीलें पूरी
न्यायाधीश पंवार ने महिला पहलवानों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन, बृजभूषण शरण सिंह के वकील राजीव मोहन और दिल्ली सरकार के सरकारी वकील की अंतिम दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुरक्षित रखा। यह पूरा मामला छह महिला पहलवानों द्वारा बृजभूषण सिंह के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है, जिनकी शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।
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इन धाराओं में दर्ज है केस
दिल्ली पुलिस ने 15 जून 2023 को बृजभूषण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की थी, जिनमें धारा 354, धारा 354A, धारा 354D और धारा 506(1) शामिल है।
इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने 10 मई 2024 को पांच महिला पहलवानों के उत्पीड़न के मामले में सिंह के खिलाफ आरोप तय किए थे। कोर्ट ने माना था कि उनके खिलाफ केस चलाने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
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सह-आरोपी पर भी तय हुए थे आरोप
अदालत ने इस मामले में सह-आरोपी और कुश्ती महासंघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर पर भी एक पीड़िता को डराने-धमकाने के आरोप में आपराधिक धमकी (धारा 506) का केस तय किया था। आपको बता दें कि एक नाबालिग पहलवान ने भी बृजभूषण सिंह पर आरोप लगाए थे, लेकिन बाद में उसने अपनी शिकायत वापस ले ली थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की कैंसलेशन रिपोर्ट के आधार पर पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज उस मामले को बंद कर दिया गया था।
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