पुराने शेयरधारकों की बिक्री भी घटी
ईटी ने तीन लोगों के हवाले से बताय है कि ऑफर फॉर सेल (OFS) में मौजूदा शेयरधारक एक्सचेंज की पेड-अप कैपिटल का करीब 5.25 प्रतिशत हिस्सा बेचेंगे। पहले यह करीब 6 प्रतिशत का प्लान था।
एनएसई ने पहले 14.89 करोड़ शेयरों तक ओएफएस का प्रस्ताव दिया था। अब सेबी के पास जमा UDRHP में ऑफर पर रखे गए शेयरों की संख्या घटाकर 12.64 करोड़ कर दी गई है। एनएसई को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला।
इस IPO में मॉर्गन स्टेनली, टेमासेक, भारतीय स्टेट बैंक, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन, जनरल इंश्योरेंस, न्यू इंडिया एश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस और ओरिएंटल इंश्योरेंस जैसे प्रमुख शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
IPO का साइज घटने से क्या होगा
अगर IPO का साइज घटता है, तो हुंडई का IPO ही भारत का सबसे बड़ा बना रहेगा, जब तक कि जियो प्लेटफॉर्म्स अपना लगभग 37,000 करोड़ रुपये का IPO नहीं ले आता, जो नवरात्रि या दिवाली के आसपास आ सकता है।
कब आएगा NSE IPO
मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि एनएसई सितंबर के तीसरे हफ्ते में आईपीओ लॉन्च करने की तैयारी में है और शेयर चौथे हफ्ते में लिस्ट हो सकते हैं। एंकर इन्वेस्टर्स के लिए इश्यू 17 सितंबर को खुलने की संभावना है।
सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड किसके नाम
30,000 करोड़ रुपये के साइज के साथ एनएसई का आईपीओ भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बनने वाला था, जो अक्टूबर 2024 में हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के इश्यू को पीछे छोड़ देता। अब साइज घटने के बाद हुंडई मोटर इंडिया के पास यह रिकॉर्ड बने रहने की संभावना है, जब तक कि जियो प्लेटफॉर्म्स अपना प्रस्तावित 37,000 करोड़ रुपये का आईपीओ नहीं लाता।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
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