- Hindi News
- International
- Now The Trump Family Will Bet On Betting, Donald Trump, Taj Mahal Casino, Truth Predict, Trump Media Group’s New Platform
- कॉपी लिंक
अप्रैल 1990 में डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘ताजमहल’ कैसिनो खोला था। हालांकि अब ट्रम्प परिवार सट्टे से कमाई का नया रास्ता प्रेडिक्शन मार्केट में देख रहा है।
वॉशिंगटन में इन दिनों ‘प्रेडिक्शन मार्केट’ (भविष्यवाणी बाजार) को लेकर सियासी और कानूनी पारा चढ़ा हुआ है। विवाद की जड़ में है ट्रम्प मीडिया ग्रुप का नया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ प्रेडिक्ट’ और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर का ‘काल्शी’ व ‘पॉलीमार्केट’ जैसी दिग्गज कंपनियों से जुड़ना। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लोग चुनाव से लेकर खेल तक, भविष्य की घटनाओं पर पैसा लगाते हैं। आलोचकों का मानना है कि सरकारी रेगुलेशन वाले इस सेक्टर में राजनीतिक परिवार की मौजूदगी पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करती है।
पारंपरिक कैसिनो बनाम डिजिटल मार्केट के इस बढ़ते बाजार ने पुराने खिलाड़ियों की नींद उड़ा दी है। दिलचस्प बात यह है कि अप्रैल 1990 में डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘ताजमहल’ कैसिनो खोला था, जिसे उन्होंने ‘दुनिया का आठवां अजूबा’ करार दिया था। तीन दशक बाद ट्रम्प परिवार कैसिनो कारोबार से बाहर है और अब खेल सट्टे से कमाई का नया रास्ता प्रेडिक्शन मार्केट में देख रहा है।
कैसिनो और स्पोर्ट्सबुक ऑपरेटरों का आरोप है कि ये प्रेडिक्शन कंपनियां बिना लाइसेंस के ‘ऑनलाइन सट्टेबाजी’ चला रही हैं। विवाद तब और गहरा गया जब कमोडिटी फ्यूचर ट्रेडिंग कमीशन (सीएफटीसी) ने इन प्लेटफॉर्म्स को राज्यों के कड़े जुआ कानूनों से छूट देने की दिशा में कदम बढ़ाए। इससे नेवादा और न्यूजर्सी जैसे राज्यों में कानूनी जंग छिड़ गई है, जहां स्पोर्ट्स बेटिंग पर सख्त पाबंदियां हैं।
‘आर्टेमिस एनालिटिक्स’ के मुताबिक, दुनियाभर में इन प्लेटफॉर्म्स पर हर हफ्ते लगभग 41,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का दांव लग रहा है। इस साल फरवरी में ‘सुपर बाउल’ के दिन जहां ‘काल्शी’ ने 1 अरब डॉलर की ट्रेडिंग का दावा किया, वहीं नेवादा के पारंपरिक कैसिनो में सट्टेबाजी 10 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई। साफ है कि डिजिटल बाजार अब पारंपरिक गेमिंग उद्योग को निगल रहा है।
विवादों के बीच ट्रम्प जूनियर के प्रवक्ता ने सफाई दी है कि वे न तो खुद ट्रेडिंग करते हैं और न ही सरकार में किसी कंपनी की पैरवी। वहीं, व्हाइट हाउस ने भी स्पष्ट किया है कि प्रशासन के सभी फैसले केवल जनहित को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। फिलहाल, यह मामला अदालतों और रेगुलेटरी फाइलों के बीच उलझा हुआ है।
इनसाइडर ट्रेडिंग पर लगेगी लगाम, इस साल 6 बिल पेश हुए
इस बीच अमेरिकी कांग्रेस में सख्ती के संकेत हैं। इस साल कम से कम छह बिल पेश हुए हैं, जिनमें इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक, चुनावी बाजारों पर नियंत्रण और सीएफटीसी की शक्तियां बढ़ाने जैसे प्रावधान शामिल हैं। एक द्विदलीय प्रस्ताव में स्पोर्ट्स, युद्ध, आतंकवाद और हत्या से जुड़े दांव पर प्रतिबंध की मांग की गई है। कुल मिलाकर, प्रेडिक्शन मार्केट का तेजी से बढ़ता दायरा अब नियमन, पारदर्शिता और राजनीतिक हितों के टकराव के बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
