नॉर्वे ने 5 बार की वर्ल्ड चैंपियन ब्राजील को हराकर अमेरिका में चल रहे फुटबॉल वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा उलटफेर किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद नॉर्वे के मुख्य कोच स्टॉल सोलबाकेन परिवार से गले मिलते नजर आए। यह पल उनके लिए सिर्फ एक जीत का जश्न नहीं था, बल्कि जिंदगी की सबसे बड़ी वापसी का प्रतीक भी था। करीब 25 साल पहले सोलबाकेन का दिल 7 मिनट तक धड़कना बंद हो गया था और वे 26 घंटे तक कोमा में रहे। डॉक्टरों ने खिलाड़ी के रूप में उनका करियर खत्म मान लिया था। उस दौर को याद करते हुए सोलबाकेन ने कहा था- ‘मेरी मां मेरे अंतिम संस्कार की तैयारी कर रही थीं।’ लेकिन मौत को मात देने वाले वही सोलबाकेन अब नॉर्वे को पहली बार फुटबॉल वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचाकर इतिहास रच चुके हैं।’ 1998 में खिलाड़ी रहते भी ब्राजील को हराया था सोलबाकेन 1990 के दशक में नॉर्वे के प्रमुख मिडफील्डर थे। उन्होंने 1994 और 1998 वर्ल्ड कप खेलने वाली टीम का हिस्सा रहते हुए देश की कई बड़ी सफलताओं में योगदान दिया। 1998 वर्ल्ड कप में नॉर्वे ने ग्रुप चरण के आखिरी मुकाबले में ब्राजील को 2-1 से हराया था। उस जीत से टीम पहली बार प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी। अब करीब तीन दशक बाद सोलबाकेन ने कोच के रूप में फिर ब्राजील को हराकर नॉर्वे के लिए नया इतिहास लिख दिया। खिलाड़ी से सफल कोच बनने तक का सफर फुटबॉल छोड़ने के बाद सोलबाकेन ने कोचिंग शुरू की। उन्होंने डेनमार्क, इंग्लैंड और जर्मनी में काम किया, लेकिन सबसे ज्यादा सफलता एफसी कोपेनहेगन के साथ मिली। दिसंबर 2020 में उन्हें नॉर्वे की राष्ट्रीय टीम का मुख्य कोच बनाया गया। शुरुआत आसान नहीं रही। टीम 2022 वर्ल्ड कप और 2024 यूरोपीय चैम्पियनशिप के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी, लेकिन फुटबॉल संघ ने उन पर भरोसा बनाए रखा। 2026 वर्ल्ड कप क्वालिफायर में नॉर्वे ने सभी आठ मैच जीतकर सीधे टूर्नामेंट में जगह बनाई। वर्ल्ड कप में टीम ने ग्रुप चरण पार करने के बाद पहले आइवरी कोस्ट और फिर ब्राजील को हराकर पहली बार क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। हालैंड और ओडेगार्ड की पीढ़ी ने बदली तस्वीर सोलबाकेन की टीम में इर्लिंग हालैंड, मार्टिन ओडेगार्ड और अलेक्जेंडर सोरलोथ जैसे स्टार खिलाड़ी हैं। ब्राजील के खिलाफ हालैंड ने दो गोल किए। इस वर्ल्ड कप में उनके सात गोल हो चुके हैं। ब्राजील पर जीत के बाद सोलबाकेन ने कहा, ‘यह नॉर्वे फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा दिन है। इन खिलाड़ियों ने सिर्फ फुटबॉल का नहीं, पूरे देश का इतिहास बदल दिया है।’
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.