भारत में नवनियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को कहा कि नई दिल्ली तेल के विकल्पों में विविधता लाने के लिए प्रयासरत है। अमेरिकी राजदूत की यह टिप्पणी भारत और अमेरिका द्वारा घोषित व्यापार समझौते के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि भारत रूस से तेल की खरीद कम करेगा। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोर ने रॉयटर्स को बताया कि भारत अपने विकल्पों में विविधता लाने के लिए काम कर रहा है और वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए बातचीत चल रही है। गोर ने कहा कि तेल के मुद्दे पर समझौता हो चुका है। हमने देखा है कि भारत ने तेल के क्षेत्र में विविधता लाई है। इस संबंध में प्रतिबद्धता है। यह भारत के बारे में नहीं है। अमेरिका नहीं चाहता कि कोई भी रूसी तेल खरीदे। राष्ट्रपति इस बारे में स्पष्ट रहे हैं, वे इस युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं। इसलिए जो भी किसी न किसी रूप में इस संघर्ष में शामिल है, राष्ट्रपति चाहते हैं कि उसका अंत हो जाए, ताकि शांति स्थापित हो सके।
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर जल्द हस्ताक्षर होंगे। इसके अलावा, ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर जल्द ही हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। भारत और अमेरिका ने एक “ऐतिहासिक” व्यापार समझौते की घोषणा की है, जिसके तहत नई दिल्ली पर लगने वाले टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इस समझौते की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी, 2026 को की थी।
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अपने सोशल मीडिया पोस्ट और व्हाइट हाउस के एक बयान में ट्रंप ने कहा कि भारत रूसी तेल की खरीद को कम करने और पूरी तरह बंद करने पर सहमत हो गया है। हालांकि भारत ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन नई दिल्ली ने कहा है कि वह तेल सहित वेनेजुएला से आयात बढ़ाने पर विचार करेगी।
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