22 वर्षीय खिलाड़ी को भारत के प्रमुख तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है, लेकिन पिछले एक साल से फिटनेस समस्याओं के कारण उनकी प्रगति पर असर पड़ा है। नीतीश कुमार रेड्डी ने स्वीकार किया कि चोटों के कारण वे अपनी गेंदबाजी में सुधार नहीं कर पाए। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ आईपीएल मैच में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए नीतीश कुमार रेड्डी ने कहा कि, मैं शुरू से ही अपनी गेंदबाजी पर काम करना चाहता था लेकिन पिछले साल चोटिल होने के कारण मुझे इसके लिए समय नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा आगे कहा कि, इस सत्र के शुरू होने से पहले मुझे थोड़ा समय मिल गया और मैंने एक विशेष व्यक्ति के साथ एक सप्ताह तक अच्छा अभ्यास किया। इससे मुझे वाकई मदद मिली और उन्होंने मुझसे जो कुछ भी कहा था, वह अब समझ में आ रहा है। अब सब ठीक चल रहा है।
वहीं, उस ‘विशेष व्यक्ति’ की पहचान के बारे में पूछे जाने पर रेड्डी ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘‘मैं इसका खुलासा बाद में करूंगा।’’ उस तैयारी का असर गुरुवार को स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जब रेड्डी ने 24 गेंदों में 39 रन बनाने के अलावा दो ओवरों में 17 रन देकर दो विकेट लिए और सनराइजर्स की 65 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। रेड्डी ने कहा, ‘‘जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था तो मुझे लगा कि विकेट थोड़ा ज्यादा तेज है क्योंकि गेंदबाज जब धीमी बाउंसर फेंकने की कोशिश करते हैं, तो कभी-कभी गेंद बल्ले पर रुककर आती है और कभी-कभी बल्लेबाज के पास तेजी से पहुंच जाती है।’’
नीतीश रेड्डी ने कहा कि, इसलिए मैंने सोचा कि क्यों न धीमी गेंद की जाए और मैंने वही किया। मुझे रिंकू का विकेट मिला क्योंकि गेंद बल्ले की तरफ तेजी से आई और तभी बल्ले का किनारा लगा। धीमी गेंद करना मेरी ताकत हैं। इसलिए मैंने उनका पूरा फायदा उठाया।
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