Rising Bharat Summit 2026 Live Updates: देश की आर्थिक दिशा, वैश्विक भूमिका और दीर्घकालिक राष्ट्रीय दृष्टि पर केंद्रित News18 Rising Bharat Summit 2026 का आज यानी 27 फरवरी 2026 से आगाज हो रहा है. दो दिनों तक चलने वाले इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से होगा. उनके संबोधन से समिट की रूपरेखा और नीति-आधारित चर्चाओं की दिशा तय होने की उम्मीद है. समिट में कारोबार, प्रौद्योगिकी, वैश्विक निवेश और रणनीतिक मामलों से जुड़े देश-विदेश के कई दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषण में भारत की आर्थिक प्रगति, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बढ़ती भूमिका और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर प्रकाश डाल सकते हैं.
व्यवसाय और टेक्नोलॉजी जगत से दिग्गज निवेशक रमेश दमानी, डेविड टेट, टेक उद्यमी विशाल सिक्का और शशि शेखर वेम्पति जैसे वक्ता मंच साझा करेंगे. इन सत्रों में पूंजी प्रवाह, उभरती प्रौद्योगिकियां, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बदलती भूमिका पर चर्चा होगी. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत स्टार्टअप इकोसिस्टम, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और समिट इन विषयों पर ठोस नीति सुझावों का मंच बन सकता है.
अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य से जॉर्ज यो, निक कार्टर, और कार्लोस एम. गुतेरेज जैसे वक्ता हिस्सा लेंगे. इनके साथ विभिन्न देशों के राजदूत ग्लोबल गवर्नेंस, सुरक्षा सहयोग और आर्थिक साझेदारी पर अपने विचार रखेंगे. इन सत्रों में भू-राजनीतिक बदलाव, इंडो-पैसिफिक रणनीति, आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा होने की संभावना है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी विभिन्न सत्रों में शामिल होंगी. इनके संबोधन में व्यापार विस्तार, बुनियादी ढांचा विकास, डिजिटल गवर्नेंस, एविएशन और क्षेत्रीय विकास प्राथमिकताओं जैसे विषय प्रमुख रहेंगे. सरकारी प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के नेताओं के बीच संवाद से निवेश, विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर ठोस चर्चा की उम्मीद है.
GCCs में AI की धूम! 65% केंद्रों ने शुरू किए पायलट प्रोजेक्ट, अब ‘इंस्ट्रक्शन’ नहीं ‘प्रोडक्ट’ पर फोकस
‘राइजिंग भारत समिट 2026’ के दौरान एचसीएल टेक के किरण चेरुकुरी ने बताया कि भारत में 65% ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) ने एआई (AI) पायलट प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि GCCs की भूमिका अब बदल रही है; वे केवल निर्देशों का पालन करने के बजाय अब सीधे ‘प्रोडक्ट ओनरशिप’ ले रहे हैं, और एआई इस बदलाव को गति दे रहा है. वहीं, अरविंद मैया ने कुशल प्रतिभाओं (Skilled Talent) के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत में एक स्वतंत्र व्यवसाय चलाने के लिए ‘लीडरशिप डेप्थ’ यानी नेतृत्व की गहराई बहुत महत्वपूर्ण हो गई है. यह बदलाव दर्शाता है कि भारत अब वैश्विक कंपनियों के लिए केवल सपोर्ट सेंटर नहीं, बल्कि नवाचार का मुख्य केंद्र है.
रियल एस्टेट के ‘सुपरस्टार’ बने GCCs! करण विरवानी ने बताया- भारतीय कमर्शियल मार्केट में 40% हिस्सेदारी
‘राइजिंग भारत समिट 2026’ के दौरान ‘GCCs Ahoy! All roads lead to India’ सत्र में वीवर्क इंडिया के सीईओ करण विरवानी ने भारतीय रियल एस्टेट और इनोवेशन पर महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए. विरवानी ने बताया कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) भारतीय कमर्शियल रियल एस्टेट बाजार के सबसे बड़े चालक बनकर उभरे हैं, जिनकी बाजार में हिस्सेदारी 40% तक पहुंच गई है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अब भारत केवल बैक-एंड काम का केंद्र नहीं रहा, बल्कि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एआई (AI) के दौर में वास्तविक आरएंडडी (R&D) और हाई-एंड फ्रंट ऑफिस कार्य यहीं की प्रतिभाओं द्वारा किए जा रहे हैं. नवाचार और उच्च-स्तरीय व्यावसायिक कार्यों के लिए वैश्विक कंपनियों की पहली पसंद अब भारत है.
मैन्युफैक्चरिंग में गेमचेंजर बनेगा AI: मर्सिडीज-बेंज इंडिया के CEO संतोष अय्यर ने बताया भारत का ‘बड़ा लीप’
‘राइजिंग भारत समिट 2026’ के दौरान मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी और सीईओ संतोष अय्यर ने भारतीय विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र के भविष्य पर अहम विजन साझा किया. अय्यर ने कहा कि अब तक भारत की विनिर्माण प्रतिस्पर्धा मुख्य रूप से सस्ते श्रम (Labour Cost) पर आधारित रही है, लेकिन अब समय बदल गया है. उनके अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स भारत को एक ‘बड़ी छलांग’ (Big Leap) लगाने में मदद कर सकते हैं, जिससे हम विकास के कई पुराने चरणों को पीछे छोड़ते हुए सीधे आधुनिक तकनीक को अपना सकते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए यह सबसे सही समय है कि वे अन्य क्षेत्रों की तुलना में एआई और रोबोटिक्स को और भी अधिक तेजी से अपनाएं ताकि वैश्विक बाजार में भारत की ताकत को नई ऊंचाई दी जा सके.
राइजिंग भारत में बोले राजीव मेमानी- AI की रेस में पिछड़ जाएंगी कई कंपनियां, R&D में निवेश जरूरी
‘राइजिंग भारत समिट 2026’ के दौरान ईवाई इंडिया के चेयरमैन राजीव मेमानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य पर महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि साझा की. मेमानी ने चेतावनी दी कि AI अपनाने की दौड़ में कुछ कंपनियां पीछे छूट जाएंगी, जबकि जो कंपनियां इसमें निवेश (Double down) करेंगी, वे ही सफल होंगी. उन्होंने विशेष रूप से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों में बड़े बदलावों की भविष्यवाणी की. मेमानी ने भारतीय उद्योगों के लिए R&D (अनुसंधान और विकास) पर होने वाले कम खर्च को एक बड़ी चुनौती बताया. उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का ‘वित्तीयकरण’ तो तेजी से हुआ है, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए कंपनियों को R&D के चारों ओर एक मजबूत सुरक्षा कवच (Moat) बनाने की जरूरत है. साथ ही, उन्होंने अगले 5-10 वर्षों में भारतीय कंपनियों के बड़े पैमाने पर विस्तार की अपार संभावनाएं भी जताईं.
फैमिली बिजनेस से ग्लोबल फोर्स तक: प्रशांत रुइया ने बताया एस्सार ग्रुप की वैश्विक सफलता का मंत्र
राइजिंग भारत के ‘फैमिली बिजनेस टू ग्लोबल फोर्स’ सत्र में एस्सार (ESSAR) ग्रुप के मुख्य कार्यकारी प्रशांत रुइया ने समूह के भविष्य और वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। रुइया ने कहा कि एनर्जी ट्रांजिशन (ऊर्जा परिवर्तन) उनके समूह के लिए एक प्रमुख थीम है। उन्होंने उल्लेख किया कि डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा चुने जाने के बाद से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा परिवर्तन की गति में कुछ कमी देखी गई है। हालांकि, उनका मानना है कि दुनिया अब उन हरित ऊर्जा (Green Energy) विकल्पों की ओर बढ़ रही है जो आर्थिक रूप से व्यावहारिक हैं।
एस्सार ग्रुप अपनी वैश्विक उपस्थिति का विस्तार करते हुए ब्रिटेन (UK) में एक विशाल डेटा सेंटर बुनियादी ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव कर रहा है। इसके तहत वहां 1 गीगावाट (GW) का डेटा सेंटर विकसित करने की योजना है। रुइया का यह विजन एस्सार को पारंपरिक ऊर्जा से भविष्य की तकनीक और टिकाऊ ऊर्जा समाधानों की ओर ले जाने की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
JFS CEO का बड़ा धमाका: अब AI बनेगा आपका ‘डिजिटल मुनीम’, 24×7 रखेगा पैसों का हिसाब
‘राइजिंग भारत’ समिट के ‘फ्यूचर ऑफ फाइनेंस’ सत्र में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (JFS) के सीईओ हितेश सेठिया ने वित्तीय सेवाओं के भविष्य का रोडमैप पेश किया. सेठिया ने स्पष्ट किया कि JFS अब पारंपरिक बैंकिंग से आगे बढ़कर एक AI-पावर्ड डिजिटल साथी के रूप में उभरेगा, जो हर ग्राहक के लिए 24×7 उपलब्ध रहेगा. कंपनी का मुख्य फोकस ‘हाइपर-पर्सनलाइजेशन’ पर है, जिसके तहत “वन-साइज-फिट्स-ऑल” मॉडल को खत्म कर दिया गया है. अब अलग-अलग वित्तीय प्रोफाइल वाले दो ग्राहकों को ऐप का होमपेज एक जैसा नहीं दिखेगा; हर यूजर को उसकी जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज्ड इंटरफेस मिलेगा.
हितेश सेठिया ने एक ‘डिजिटल कमांड सेंटर’ की अवधारणा पेश की, जहाँ निवेश, भुगतान और वित्तीय योजना एक ही सुरक्षित छत के नीचे होंगे. इसके साथ ही, प्लेटफॉर्म पर एआई के साथ-साथ ‘लाइव फाइनेंशियल एजेंट’ की सुविधा भी दी गई है, जो तकनीक और मानवीय भरोसे का संतुलन बनाती है. कंपनी ने कई दिग्गज वित्तीय ब्रांडों के साथ साझेदारी की है ताकि ग्राहकों को उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार सर्वश्रेष्ठ उत्पादों का विस्तृत विकल्प मिल सके. यह विजन बैंकिंग को केवल लेनदेन तक सीमित न रखकर एक व्यक्तिगत अनुभव बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.
JFS लाएगा ‘फाइनेंशियल फिटनेस स्कोर’, CEO हितेश सेठिया ने बताया भविष्य का प्लान
जिओ फाइनेंशियल सर्विसेज (JFS) के सीईओ हितेश सेठिया ने कंपनी के भविष्य के विजन और ग्राहकों के लिए नई सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. हितेश सेठिया ने बताया कि JFS जल्द ही एक बेहद विशिष्ट ‘फाइनेंशियल फिटनेस स्कोर’ लॉन्च करने जा रहा है। यह स्कोर आपके वित्त के लिए एक ‘हेल्थ चेकअप’ की तरह काम करेगा. इसके माध्यम से ग्राहक अपने खर्चों, ऋण लेने की क्षमता, सुरक्षा के स्तर (बीमा), वेल्थ क्रिएशन और टैक्स अनुपालन का सटीक आकलन कर सकेंगे. इसके अतिरिक्त, कंपनी एक एक्सक्लूसिव मेंबरशिप प्रोग्राम भी लाने की तैयारी में है. इस प्रोग्राम के तहत, जेएफएस (JFS) अपने सदस्यों को लागत बचत का लाभ सीधे ‘वैल्यू बैक’ के रूप में प्रदान करेगा. इसका मतलब है कि सदस्य द्वारा किए गए हर ट्रांजैक्शन पर उन्हें विशेष लाभ और बचत मिलेगी, जो डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में एक नई प्रतिस्पर्धा पैदा कर सकता है.
Rising Bharat Summit 2026 Live: ‘वो बड़े नेता हैं मैं उन्हें कुछ नहीं कहूंगा’, संघ पर देश तोड़ने के राहुल के आरोपों पर बोले सुनील अंबेडकर
राइजिंग भारत समिट LIVE: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेडकर ने राहुल गांधी द्वारा संघ पर लगाए गए “देश तोड़ने” के आरोपों पर एक बेहद सधा हुआ और वैचारिक जवाब दिया है. राहुल गांधी के आरोपों को दरकिनार करते हुए अंबेडकर ने कटाक्ष किया कि “वे बड़े नेता हैं, मैं उनके बारे में क्या कह सकता हूँ।” अपनी बात पूरी करते हुए उन्होंने कहा कि संघ की कार्यप्रणाली किसी राजनीतिक दल के 5 साल के चुनावी चक्र पर आधारित नहीं होती बल्कि यह शताब्दियों के विजन के साथ चलने वाली एक ‘ऑर्गेनिक’ प्रक्रिया है। सुनील अंबेडकर ने जोर देकर कहा कि संघ जमीन पर जाकर लोगों से सीधा संवाद करता है और समाज निर्माण के कार्य में जुटा है। 100 साल के सफर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य व्यक्ति निर्माण के जरिए समाज में परिवर्तन लाना है, जो किसी राजनीतिक हार-जीत से परे है।
Rising Bharat Summit 2026 Live: भारत में ही होगा हाई-बैंडविड्थ मेमोरी का का उत्पादन
राइजिंग भारत समिट LIVE: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी 2027 भारत में माइक्रोन टेक्नोलॉजी संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन का उद्घाटन करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत स्थित माइक्रोन टेक्नोलॉजी प्लांट में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत करेंगे. यह संयंत्र लैपटॉप, कैमरा और अन्य उपकरणों में उपयोग होने वाली हाई-बैंडविड्थ मेमोरी का निर्माण करेगा. वर्तमान में तीन अतिरिक्त सेमीकंडक्टर संयंत्र पायलट उत्पादन चरण में हैं. माइक्रोन के बाद दो और संयंत्र जल्द ही वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करेंगे, जबकि चौथे संयंत्र के इस वर्ष के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है.
Rising Bharat Summit 2026 Live: हालात बदले तो भारत-अमेरिका ट्रेड डील को री-बैलेंस किया जाएगा – पीयूष गोयल
राइजिंग भारत समिट LIVE: पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर कहा है कि यह स्थिति लगातार बदल रही है और आने वाले समय में इसमें संशोधन संभव है. उन्होंने बताया कि ट्रंप प्रशासन की ओर से कुछ टिप्पणियां की गई हैं और उसके पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं. अगले सप्ताह शुल्क को 15 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है. गोयल ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर संवाद जारी है और यदि परिस्थितियां बदलती हैं तो समझौते को पुनर्संतुलित किया जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमेरिका के साथ होने वाले इस व्यापार समझौते में कई सकारात्मक पहलू हैं. उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के आधार पर तय होते हैं और भारत अपने हितों की रक्षा करते हुए आगे बढ़ेगा.
Rising Bharat Summit 2026 Live: गोल्ड पर इतना फोक्स क्यों?
राइजिंग भारत समिट LIVE: भारत में गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) युवा आबादी के लिए तेजी से एक आकर्षक निवेश विकल्प के रूप में उभर रहे हैं. यह बात वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सीईओ डेविड टैट ने कही. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष सोने में निवेश मांग बढ़ी थी और उन्हें उम्मीद है कि वैश्विक स्तर पर मांग मजबूत बनी रहेगी. टैट ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि केंद्रीय बैंक सोना खरीदना जारी रखेंगे.’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत में केंद्रीय बैंक अपने पश्चिमी समकक्षों की बराबरी करने के लिए आंशिक रूप से अपने स्वर्ण भंडार में बढ़ोतरी कर रहा है. टैट ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का एक प्रमुख कारण बनी हुई है. हालांकि, उन्होंने सावधानी भी जताई. उनके अनुसार, यदि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उच्च जीडीपी वृद्धि के साथ मध्यम महंगाई दर हासिल करने में सफल रहते हैं, तो सोने की कीमतें संभावित रूप से गिरावट के दौर में जा सकती हैं. वैश्विक स्तर पर वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल निवेश संपत्ति के रूप में सोने में अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित कर रहा है. टैट ने कहा कि भविष्य में निवेश प्रवाह का बड़ा हिस्सा ईटीएफ के जरिए आने की संभावना है, वहीं दुनिया भर में सोना-समर्थित स्टेबलकॉइन और टोकनाइज्ड गोल्ड उत्पादों में भी रुचि बढ़ रही है. हालांकि, भारत में निवेशकों के लिए अभी भी ईटीएफ ही पसंदीदा माध्यम बने हुए हैं.
Rising Bharat Summit 2026 Live: सिम कार्ड बाइंडिंग और डिजिटल अरेस्ट पर क्या बोले सिंधिया?
राइजिंग भारत समिट LIVE: राइजिंग भारत समिट-2026 के मंच से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि टेलीकॉम और मोबाइल प्रौद्योगिकी आज कोई विलासिता नहीं रह गई है, यह हमारी नसों में दौड़ने वाले रक्त के समान है. यह एक अदृश्य राजमार्ग है, जिसके माध्यम से कंटेंट आगे बढ़ता है. संचार के क्षेत्र में हमारा दायित्व है कि नकारात्मक बाह्य प्रभावों को रोकने के लिए एक फायरवॉल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. हमें साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट जैसी चुनौतियों से सुरक्षा सुनिश्चित करनी है. सिम बाइंडिंग समय की आवश्यकता बन गई है. सिंधिया ने आगे कहा कि यह वह मार्ग है, जिसके आधार पर व्यापार, संचार और आजीविका संचालित होती है.
Rising Bharat Summit 2026 Live: ओपनिंग सेशन में ज्योतिरादित्य सिंधिया रखेंगे अपनी राय
राइजिंग भारत समिट LIVE: उद्घाटन सत्र, जिसका शीर्षक ‘Aspirations Uninterrupted: Connecting a Billion Dreams’ है, में केंद्रीय संचार मंत्री और उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया शामिल होंगे. वह देशभर में कनेक्टिविटी को मजबूत करने और नागरिकों को सशक्त बनाने के अपने दृष्टिकोण को साझा करेंगे.
Rising Bharat Summit 2026 Live: न्यूज18 राइजिंग भारत समिट इतना अहम क्यों?
राइजिंग भारत समिट LIVE: ऐसे समय में जब भारत के निर्णय उसकी सीमाओं से कहीं आगे तक प्रभाव डाल रहे हैं, न्यूज़18 राइजिंग भारत समिट 2026 सहमति निर्माण, रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने और विश्व के सामने आत्मविश्वास से भरी राष्ट्रीय दृष्टि प्रस्तुत करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है.
Rising Bharat Summit 2026 Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देंगे उद्घाटन भाषण
राइजिंग भारत समिट LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज न्यूज18 राइजिंग भारत समिट 2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्य संबोधन देंगे. इसके साथ ही दो दिनों तक चलने वाली चर्चाओं का स्वर निर्धारित होगा, जिनका केंद्र भारत की आर्थिक दिशा, वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति और दीर्घकालिक राष्ट्रीय दृष्टि पर रहेगा.
Rising Bharat Summit 2026 Live: ये मंत्री भी रखेंगे अपनी बात
राइजिंग भारत समिट LIVE: मुख्य मंत्रिस्तरीय प्रतिभागियों में पियूष गोयल, अश्विनी वैष्णव, ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल हैं. उनके सत्रों में व्यापार विस्तार, इंफ्रास्ट्रक्चरी डेवलपमेंट, डिजिटल शासन और क्षेत्रीय विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा की जाएगी.
Rising Bharat Summit 2026 Live: ये स्पीकर टेक और इनोवेशन पर रखेंगे अपनी बात
राइजिंग भारत समिट LIVE: व्यवसाय और प्रौद्योगिकी की दुनिया से वक्ताओं में वरिष्ठ निवेशक रमेश दमानी, डेविड टेट, टेक उद्यमी विशाल सिक्का शशि शेखर वेंपटी शामिल हैं. ये सभी राइजिंग भारत समिट में अपनी बात रखेंगे. उनके विचार पूंजी प्रवाह, उभरती प्रौद्योगिकियों और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत की बदलती भूमिका पर केंद्रित होंगे.
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