इंडियन प्रीमियर लीग के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी को अपीलीय अधिकरण से राहत मिली है. ट्राइब्यूनल ने SAFEMA के तहत अपना फैसला सुनाया और उस आधार को ही खारिज कर दिया, जिससे ललित पर ईडी की कार्रवाई हुई थी. दरअसल यह मामला आईपीएल 2009 सीजन से जुड़ा है, जिसका आयोजन दक्षिण अफ्रीका में करवाया गया था.
आईपीएल 2009 सीजन 18 अप्रैल से लेकर 24 मई तक खेला गया था. उस समय भारत में लोकसभा चुनाव होने थे, ऐसे में आईपीएल का आयोजन पहली बार भारत से बाहर करवाया गया था. उस समय ललित मोदी पर अवैध वित्तीय लेन-देन के कई मामले दर्ज किए गए थे. मोदी पर आरोप लगे कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन करते हुए दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट बोर्ड और कुछ अन्य संस्थाओं को अवैध रूप से पैसा भेजा था.
बताते चलें कि अवैध रूप से कमाए गए पैसे से जुड़े मामले सफेमा कानून के अंतर्गत आते हैं. इसी के तहत ट्राइब्यूनल ने माना कि दक्षिण अफ्रीका में आयोजित IPL 2009 से जुड़ी रकम की आवाजाही ‘करंट अकाउंट ट्रांजेक्शन थी ना कि कैपिटल अकाउंट की ट्रांजेक्शन. भारत के विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (FEMA) के तहत कैपिटल अकाउंट ट्रांजेक्शन यहां निषिद्ध हैं और इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक से विशेष अनुमति लेनी होती है. चूंकि ट्राइब्यूनल ने पैसे के लेन-देन को करंट अकाउंट ट्रांजेक्शन माना है, ऐसे में पुराने सभी निष्कर्ष निराधार हो गए हैं.
ट्राइब्यूनल ने यह भी पाया कि ललित मोदी BCCI द्वारा मान्य फेमा कानून के नियमों का पालन करने के लिए जिम्मेदार नहीं थे. वहीं ईडी ने जिन वित्तीय अधिकारों का जिक्र किया था, वे ललित मोदी के पास थे ही नहीं. ऐसे में ट्राइब्यूनल ने पूर्व आईपीएल चेयरमैन पर ईडी द्वारा लगाए गए जुर्माने को भी रद्द कर दिया है. याद दिला दें कि ईडी ने FEMA के उल्लंघन के आरोप में ललित मोदी पर 10.65 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.
यह भी पढ़ें:
जिम्बाब्वे में वैभव सूर्यवंशी हिट होंगे या फ्लॉप? सबको पता है ये कमजोरी; क्या कहते हैं आंकड़ें?
गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद इन 3 खिलाड़ियों का करियर खत्म! अब दोबारा मौका मिलना मुश्किल
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.