नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। शुक्रवार रात तक आंकड़ा 2400 के करीब पहुंच गया। जबकि अब तक 586 लोगों के शव मिले हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के मुताबिक, राहत और बचाव अभियान में 15,431 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। अब तक 4,451 लोगों को बचाया जा चुका है। सेना और निजी प्राइवेट कंपनियों के 16 हेलिकॉप्टरों से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ के बाद 320 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया है। करीब 400 भारतीय चीन में फंसे हैं और भारतीय दूतावास उनके संपर्क में है। इसके अलावा 149 भारतीय चीन से नेपाल पहुंच चुके हैं। इस बीच इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO लैक्स गोपिसेट्टी भी लापता बताए जा रहे हैं। कंपनी ने शुक्रवार रात बताया कि गोपिसेट्टी निजी काम से नेपाल गए थे। लेकिन बाढ़ के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। इधर, नेपाल दूसरे देशों के रेस्क्यू टीमों से मदद लेने के लिए तैयार हो गया है। नेपाल ने प्रभावित इलाकों में यातायात बहाल करने के लिए भारत और चीन से 70 मीटर लंबे 10 बेली ब्रिज की मदद भी मांगी है। PM बालेन ने बताया कि अब तक प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में 190 करोड़ नेपाली रुपए से ज्यादा जमा हुए हैं। प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने अपनी एक महीने की सैलरी भी राहत कोष में देने का फैसला किया है। खबर से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
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