मेटा ने एआई की दुनिया में अपनी नई चाल से एक बार फिर बड़ी बहस को तेज कर दिया है। कंपनी ने ऐसा नया एआई मॉडल पेश किया है, जिसे लोग अपने निजी कंप्यूटर पर डाउनलोड करके चला और अपनी जरूरत के हिसाब से बदल सकेंगे। कंपनी के अनुसार, इस मॉडल को कम कंप्यूटिंग क्षमता में काम करने के लिए तैयार किया गया है, जिससे इसे चलाना पहले के बड़े मॉडलों के मुकाबले आसान होगा।
मेटा के मुताबिक नए मॉडल का नाम म्यूज ग्लिमर है। यह कंपनी के म्यूज स्पार्क 1.2 मॉडल का छोटा और अधिक सक्षम रूप है। इसमें करीब 30 अरब मानक हैं और इसे चलाने के लिए एक ग्राफिक्स कार्ड ही पर्याप्त हो सकता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से ऐसे कामों में किया जा सकेगा, जिनमें एआई खुद कई चरणों में काम पूरा करती है। इनमें समय-सारणी बनाना, फाइलों को व्यवस्थित करना और रोजमर्रा के दूसरे डिजिटल काम शामिल हैं।
गौरतलब है कि मेटा का यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका में एआई को सभी के लिए खुला रखने या उस पर कड़ा नियंत्रण लगाने को लेकर बहस तेज है। मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने इसी मुद्दे पर करीब 6,500 शब्दों का एक लेख भी लिखा है। उनका कहना है कि बेहद शक्तिशाली एआई को कुछ बड़ी कंपनियों या संस्थानों तक सीमित रखने के बजाय आम लोगों तक पहुंचाना चाहिए।
म्यूज ग्लिमर के मॉडल से जुड़े जरूरी आंकड़े हगिंग फेस मंच के जरिए उपलब्ध कराए जाएंगे। इसे डाउनलोड करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, हालांकि इसे अपने कंप्यूटर पर चलाने का खर्च उपयोगकर्ता को ही उठाना होगा। मेटा भविष्य में अपने ज्यादा शक्तिशाली म्यूज स्पार्क मॉडल का संस्करण भी इसी तरह उपलब्ध कराने की योजना बना रही है।
बता दें कि गूगल पहले से ही जेम्मा नाम के ऐसे एआई मॉडल उपलब्ध करा रहा है, जिन्हें स्थानीय उपकरणों पर चलाया जा सकता है। चीन की डीपसीक, मूनशॉट और अलीबाबा जैसी कंपनियों के कम लागत वाले खुले मॉडल ने भी अमेरिकी कंपनियों पर दबाव बढ़ाया है।
मार्क जुकरबर्ग ने चीन के खुले मॉडलों पर सरकारी रोक लगाने के विचार का भी विरोध किया है। उनका कहना है कि अमेरिका को विदेशी मॉडलों पर रोक लगाने के बजाय अपने खुले मॉडलों को दुनिया में सबसे बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई का विकास खुली तकनीक के जरिए भी सुरक्षित और मजबूत बनाया जा सकता है।
वहीं, कुछ अमेरिकी कंपनियां खुले एआई मॉडल को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताती रही हैं। अमेरिकी सरकार ने फिलहाल ऐसे मॉडलों पर अनिवार्य सुरक्षा जांच लागू नहीं की है और कंपनियों को नए शक्तिशाली मॉडल जारी करने से पहले स्वैच्छिक सुरक्षा समीक्षा का विकल्प दिया गया है।
मेटा के साथ अमेजन, गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियां एआई के विकास में भारी निवेश कर रही हैं। इन कंपनियों का कुल निवेश दो हजार अरब डॉलर से ज्यादा बताया जा रहा है। इसी बीच मेटा ने अमेरिकी उन इलाकों में एक अरब डॉलर का कोष बनाने की घोषणा भी की है, जहां उसके आंकड़ा केंद्र मौजूद हैं। हालांकि, इन केंद्रों के लिए जमीन, बिजली और पानी की बढ़ती जरूरत को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी सामने आया है।
इस तरह मेटा का नया मॉडल केवल तकनीकी उत्पाद नहीं, बल्कि एआई को आम लोगों तक पहुंचाने की उसकी बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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