MCC NEET UG Counselling for MBBS, BDS. BSc Nursing 2026: एमबीबीए, बीडीए और बीएससी नर्सिंग कोर्स में दाखिले के लिए एमसीसी नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के राउंड 1 के रजिस्ट्रेशन आज 5 अगस्त से शुरू हो गए हैं।
NEET UG 2026 काउंसलिंग का शेड्यूल
आवेदन करने की अंतिम तारीख 12 अगस्त निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी 6 अगस्त से अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स की चॉइस फिलिंग एवं लॉकिंग कर सकेंगे। इसके बाद पहले राउंड का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 17 अगस्त को घोषित किया जाएगा। जिन उम्मीदवारों को सीट आवंटित होगी, उन्हें 18 अगस्त से 22 अगस्त के बीच संबंधित कॉलेज में रिपोर्ट कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगीm
MCC ने काउंसलिंग प्रक्रिया में किए बड़े बदलाव-
अब मेडिकल सीट पाने वाले छात्रों को बेहतर सीट (सीट अपग्रेड) की उम्मीद में हर काउंसलिंग राउंड के बाद बार बार मेडिकल कॉलेज जाकर रिपोर्टिंग नहीं करनी होगी। नई व्यवस्था के तहत सिर्फ एक बार फिजिकल रिपोर्टिंग करनी होगी, जबकि आगे की ज्यादातर प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकेगी। इससे अभ्यर्थियों को बार-बार संस्थानों के चक्कर लगाने की जरूरत काफी कम हो जाएगी।
1. समझें फ्रीज और फ्लोट की नई प्रकिया
मेडिकल सीट अलॉट होने के बाद अभ्यर्थी या तो अलॉट सीट को फ्रीज कर सकते हैं या फिर बेहतर सीट पाने के लिए ‘फ्लोट’ विकल्प चुन सकते हैं। फ्रीज विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थियों को तय समयसीमा के भीतर अपने अलॉट मेडिकल कॉलेज में फिजिकली रिपोर्ट करना होगा, जहां उन्हें ऑरिजनल डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन कराना होगा। एडमिशन फीस जमा करने सहित दाखिले से जुड़ी अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
2. सीट अपग्रेड चुनना है तो मेडिकल कॉलेज जाने की जरूरत नहीं
इसमें कहा गया है कि बेहतर सीट के लिए अगले दौर की काउंसलिंग में शामिल होने की खातिर फ्लोट विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थी तय समयसीमा के भीतर ऑनलाइन माध्यम से दस्तावेज सत्यापन समेत प्रवेश से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। इस अवधि के दौरान अभ्यर्थियों को अलॉट संस्थान में व्यक्तिगत रूप से रिपोर्ट करने, मूल दस्तावेज जमा करने या प्रवेश शुल्क भरने की जरूरत नहीं होगी।
3. तीसरे राउंड तक मिलेगी सीट अपग्रेड करने की सुविधा
अगले दौर की काउंसलिंग में शामिल होने के दौरान उनका अस्थायी एडमिशन मान्य रहेगा। सीट अपग्रेड करने की सुविधा काउंसलिंग के तीसरे दौर तक उपलब्ध रहेगी। इसमें कहा गया है कि तीसरे दौर के पूरा होने के बाद जिन अभ्यर्थियों को सीट आवंटित हो चुकी होगी, उन्हें मूल दस्तावेजों के सत्यापन, प्रवेश शुल्क जमा करने और संस्थान से जुड़ी अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अपने संबंधित संस्थानों में व्यक्तिगत रूप से रिपोर्ट करना होगा।
अब सब सिर्फ एक बार
नीट यूजी काउंसलिंग के नए नियमों में मेडिकल कॉलेज में एक बार रिपोर्टिंग, मूल दस्तावेजों के एक बार सत्यापन और प्रवेश शुल्क एक बार जमा करने की व्यवस्था की गई है, जिससे अनावश्यक यात्रा की जरूरत नहीं पड़ेगी, दाखिले की प्रक्रिया सरल बनेगी और अभ्यर्थियों को आसानी होगी।
4. ऑनलाइन रिजाइन कर सकेंगे
बयान में कहा गया है कि इस साल नीट यूजी काउंसलिंग में ऑनलाइन सीट छोड़ने की सुविधा भी प्रदान की गई है। इसमें कहा गया है कि मान्य काउंसलिंग नियमों और तय समयसीमा के तहत जिन अभ्यर्थियों को अपनी आवंटित सीट छोड़नी होगी, वे अब एमसीसी काउंसलिंग पोर्टल के जरिये ऑनलाइन ऐसा कर सकेंगे। सीट छोड़ने के लिए अभ्यर्थियों को आवंटित संस्थान में व्यक्तिगत रूप से जाने की जरूरत नहीं होगी, जब तक कि इंफोर्मेशन बुलेटिन में कोई अलग निर्देश न दिया गया हो या एमसीसी की ओर से अलग से कोई सूचना जारी न की गई हो।
5. दिव्यांग अभ्यर्थियों का आकलन दक्षता के आधार पर
बयान में कहा गया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में ज्यादा सुलभता, पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए देशभर में निर्धारित मूल्यांकन केंद्रों की संख्या 16 से बढ़ाकर 61 कर दी गई है। इसमें कहा गया है कि एनएमसी की ओर से 27 जुलाई को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित मेडिकल बोर्ड की ओर से जारी किए जाने वाले प्रमाण-पत्र को अब ‘पात्रता प्रमाण-पत्र’ के नाम से जाना जाएगा। यह कदम अभ्यर्थी की दक्षता के आकलन के आधार पर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए उसकी पात्रता तय करने के उद्देश्य को दर्शाता है। बयान में कहा गया है कि नये दिशा-निर्देशों में अपीलीय दिव्यांगता मूल्यांकन बोर्ड का भी प्रावधान किया गया है, जिसमें पात्र अभ्यर्थी प्रारंभिक दिव्यांगता मूल्यांकन बोर्ड के आकलन के खिलाफ अपील कर सकेंगे।
6. एनआरआई सभी जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे
एक और अहम सुधार एनआरआई श्रेणी के तहत दाखिला प्रक्रिया का पूरी तरह से डिजिटलीकरण है। एनआरआई अभ्यर्थियों के लिए पंजीकरण अब तय पात्रता मानदंडों के अनुसार पूरी तरह से ऑनलाइन काउंसलिंग पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इसमें कहा गया है कि अभ्यर्थी सभी जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे, जबकि पहले ये दस्तावेज ईमेल के जरिये जमा किए जाते थे। बयान में कहा गया है कि अपलोड किए गए दस्तावेजों की जांच तय अधिकारी करेंगे, जिससे जांच प्रक्रिया पारदर्शी, कुशल और समयबद्ध बन सकेगी।
MCC NEET UG काउंसलिंग 2026: रजिस्ट्रेशन फीस
डीम्ड यूनिवर्सिटी के लिए
नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस: Rs. 5,000 (सभी उम्मीदवार)
रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट: Rs. 2,00,0
रजिस्ट्रेशन के समय कुल देना होगा: Rs. 2,05,0
15% AIQ, AIIMS, JIPMER, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, AFMC और ESI के लिए
UR/EWS कैंडिडेट
नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस: Rs. 1,000
रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट: Rs. 10,0
कुल देना होगा: Rs. 11,000
SC/ST/OBC/PwD कैंडिडेट
नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस: Rs. 500
रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट: Rs. 5,000
कुल भुगतान: Rs. 5,500
कौन है नीट काउंसलिंग के योग्य
उम्मीदवारों को अपनी कैटगरी के लिए निर्धारित न्यूनतम क्वालिफाइंग परसेंटाइल प्राप्त करके नीट यूजी पास करना अनिवार्य है। आमतौर पर जनरल और ईडब्ल्यूएस के उम्मीदवारों के लिए 50वां परसेंटाइल और एससी/एसटी और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उम्मीदवारों के लिए 40वां परसेंटाइल होता है।
NEET UG 2026 qualifying cut off marks : यूजी मेडिकल / डेंटल कोर्स, 2026-27 में एडमिशन को लेकर पात्रता के लिए कट ऑफ मार्क्स
कैटेगरी , कट ऑफ पर्सेंटाइल , कट ऑफ स्कोर
अनारक्षित और EWS – 50TH पर्सेंटाइल , 715-213
ओबीसी – 40TH पर्सेंटाइल, 212 – 177
एसटी 40TH पर्सेंटाइल , 212 – 177
एसटी 40TH पर्सेंटाइल, 212 – 177
देश में एमबीबीएस की कुल 136939 सीटें
इस वर्ष नीट यूजी परीक्षा करीब 11.21 लाख विद्यार्थियों ने पास की है। इनके लिए देश में एमबीबीएस की महज 136939 सीटें हैं। यानी एक सीट के करीब 8 दावेदार हैं।
कौन से डॉक्यूमेंट अनिवार्य
NEET UG 2026 काउंसलिंग और एडमिशन प्रक्रिया के दौरान कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज आपके पास होना बेहद जरूरी है। इसलिए बेहतर होगा कि अंतिम समय की भागदौड़ से बचने के लिए आप अभी से सभी कागजात एक फाइल में व्यवस्थित करके रख लें। इनमें नीट यूजी 2026 का स्कोरकार्ड और एडमिट कार्ड, जन्म तिथि के प्रमाण के लिए 10वीं कक्षा का सर्टिफिकेट, 12वीं की मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट, एक वैध फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी या पैन कार्ड) तथा हाल ही की पासपोर्ट साइज तस्वीरें शामिल हैं। यदि आप आरक्षित वर्ग से आते हैं, तो कैटेगरी (जाति) प्रमाण पत्र भी साथ रखें। वहीं, दिव्यांग उम्मीदवारों को अपना आवश्यक मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा। यदि आपने किसी विशेष कोटे के तहत आवेदन किया है, तो निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल) भी जरूरी हो सकता है। इसके अलावा, एमसीसी या जिस कॉलेज में सीट आवंटित हुई है, उसके द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज भी साथ रखने होंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रवेश के समय इन सभी दस्तावेजों की मूल प्रतियां कॉलेज में सत्यापन के लिए प्रस्तुत करनी होंगी, इसलिए सभी ओरिजिनल दस्तावेज अपने पास सुरक्षित रखें।
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