फुटबॉल दिग्गज डिएगो माराडोना की मौत के मामले की जांच दोबारा मंगलवार से शुरू हो रहा है। उनकी मेडिकल टीम पर सही इलाज न देने और लापरवाही बरतने के आरोप हैं। मई 2025 में शुरू हुआ पहला ट्रायल उस समय रद्द कर दिया गया था, जब एक जज पर कोर्ट में बिना अनुमति डॉक्यूमेंट्री शूट कराने का आरोप लगा। अब नए जजों के सामने सुनवाई शुरू होगी। माराडोना को फुटबॉल इतिहास के महान खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने 1986 वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना को जीत दिलाई थी और ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल के लिए भी जाने जाते हैं। माराडोना की 25 नवंबर 2020 को 60 साल की उम्र में मौत हुई थी। वे ब्रेन ब्लड क्लॉट की सर्जरी के बाद घर पर रिकवर कर रहे थे। पोस्टमॉर्टम में दिल का दौरा और फेफड़ों में पानी भरने को मौत की वजह बताया गया। मेडिकल टीम पर कुलपेबल होमिसाइड का केस दर्ज
इस मामले में मेडिकल टीम के 7 सदस्य ट्रायल का सामना कर रहे हैं। इन पर ‘कुलपेबल होमिसाइड’ का केस दर्ज है। दोषी पाए जाने पर उन्हें 8 से 25 साल तक की सजा हो सकती है। एक्सपर्ट्स माराडोना के इलाज को अपर्याप्त बताया
जांच में सामने आया कि टीम को माराडोना की गंभीर हालत की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने जरूरी कदम नहीं उठाए। मेडिकल एक्सपर्ट्स ने उनके इलाज को ‘लापरवाह और अपर्याप्त’ बताया। ट्रायल में करीब 100 गवाहों के बयान होंगे, जिनमें उनकी बेटियां भी शामिल हैं। यह सुनवाई जुलाई तक चल सकती है। माराडोना ने करियर में 312 गोल दागे मैराडोना ने फुटबॉल करियर में 312 गोल किए। उन्होंने इंटरनेशनल करियर में 91 मैच खेले, जिसमें 34 गोल किए। मैराडोना बार्सिलोना, नेपोली, सेविला, नेवेल्स ओल्ड ब्यूऑयज और बोका जूनियर्स जैसे क्लब से खेल चुके हैं। बार्सिलोना से खेलते हुए उन्होंने 36 मैच में 22 और नेपोली के लिए 188 मैच में 81 गोल किए।
करियर में 11 टूर्नामेंट जीते
मैराडोना ने करियर में 11 टूर्नामेंट्स जीते हैं। इसमें 1 वर्ल्ड कप खिताब, एक UEFA कप खिताब, एक नेशंस लीग, एक FIFA वर्ल्ड यूथ चैम्पियनशिप और 5 नेशनल कप जीते हैं। मैराडोना को फीफा प्लेयर ऑफ द सेंचुरी से भी नवाजा जा चुका है। उन्होंने एक बार वर्ल्ड कप गोल्डन बॉल, एक बार बेलोन डी’ओर, 2 बार साउथ अमेरिकन फुटबॉलर ऑफ द ईयर, 6 बार नेशनल लीग टॉप स्कोरर अवॉर्ड जीता है।
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