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- Mamata Banerjee TMC Crisis Update; Sukhendu Sekhar Roy | West Bengal Trinamool Congress
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तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने सोमवार को राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। सुखेंदु सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति भवन पहुंचकर इस्तीफा सौंपा।
इसके बाद मीडिया से चर्चा में उन्होंने पार्टी के कामकाज और नेतृत्व की शैली को लेकर नाराजगी जाहिर की। हालांकि, सुखेंदु का अगला कदम क्या होगा, फिलहाल इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
इधर, लोकसभा के भी 20 सांसद ममता से अलग होने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सुखेंदु के साथ एक मीटिंग की है।
5 नाम सामने आए हैं, इनमें शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, कालीपत सोरेन, जगदीश बसूनिया और अरूप चक्रवर्ती शामिल हैं।
गौरतलब है कि लोकसभा में TMC के 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं।

त्यागपत्र में भाजपा की तारीफ, TMC की पोल खोली
अपने इस्तीफे में सुखेंदु ने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC की हार के लिए पार्टी की आलोचना की। इस जनादेश को ममता के 15 साल के अराजक शासन का नतीजा बताया। पढ़ें क्या थीं इस्तीफे में लिखी 4 अहम बातें…
- यह शासन बड़े पैमाने पर बेलगाम भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कानून-व्यवस्था और रोजगार जैसे क्षेत्रों में बुरी तरह नाकाम रहा।
- इतिहास में पहली बार लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में भारी जनादेश दिया है। यह जनादेश तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के अराजक शासन को खत्म करने के लिए था।
- पार्टी उस तरीके से नहीं चल रही थी, जैसे चलनी चाहिए। कई नेताओं को स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति नहीं थी। कई-कई बार नेताओं की राय भी नहीं ली जाती थी।
- पार्टी के भीतर ऐसे हालात लंबे समय से चल रहे थे। कई नेताओं ने मजबूरी में इसे स्वीकार कर लिया था। ममता ने चुनाव हारने के बाद न आत्ममंथन किया, न कारण जानने की कोशिश की।
- सुखेंदु ने नई चुनी गई BJP सरकार की भी तारीफ की और कहा कि वे अपने घोषणापत्र के अनुसार राज्य के विकास के लिए कदम उठा रहे हैं। उसने पुनर्निर्माण के लिए पहल शुरू कर दी है।
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