संयुक्त अरब अमीरात के एक बड़े एनर्जी प्लांट में काला धुआं उठता हुआ देखा गया है. घटना अमेरिका की तरफ से ईरान के खर्ग द्वीप पर हुए हमले के कुछ घंटो बाद की बताई जा रही है. इंटरनेट पर वायरल वीडियो में फुजैराह से काले धुएं के घने बादल उठते देखे गए हैं. यह एक तटीय इलाका है. यहां पर एक विशाल बंदरगाह भी स्थित है. यह तेल व्यापार में एक अहम रोल निभाता है. इसमें एक तेल निर्यात के लिए एक अहम टर्मिनल भी शामिल है. अधिकारियों का कहना है कि यह आग ड्रोन हमले को रोकने के बाद गिरे मलबे के कारण लगी थी.
अधिकारियों ने क्या जानकारी दी है?
न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन के गिरे हुए टुकड़ों के कारण आग लगी. हालांकि और किसी तरह की जानकारी उन्होंने नहीं दी है. इसके अलावा यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि हवाई सुरक्षा प्रणाली ईरानी बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों का मुकाबला कर रही है. इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा है कि अमेरिका की सेना ने ईरान के खर्ग स्थित ठिकानों पर बमबारी की है. खर्ग द्वीप ईरान के तेल उद्योग का एक महत्वपूर्ण सेंटर है. देश के लगभग सभी कच्चे तेल के निर्यात को संभालने की जिम्मेदारी इसी पर है. साथ ही कहा है कि इस द्वीप पर स्थित तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है.
एनर्जी सेक्टर से जुड़े बुनियादी ढांचे को बनाया निशाना
28 फरवरी से जारी इस युद्ध के दौरान एनर्जी सेक्टर से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है. इससे पहले इजरायल ने तेहरान में तेल डिपो पर हमला किया था. इसके बाद ईरान ने खाड़ी इलाकों में कुवैत से लेकर ओमान तक फैले प्रमुक ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया. इनमें कई बड़े तेल के ठिकाने और गैस प्लांट शामिल रहे हैं. इनमें रास तनुरा रिफाइनरी, कतर का रास लफान गैस प्रोसेसिंग केंद्र और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित रुवैस रिफाइनरी परिसर शामिल है. युद्ध के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी प्रभावित हुआ है. यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है.
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.