गिर चुके स्टॉक्स पर क्यों दांव लगा रहा LIC
अभी पिछले दिनों एक खबर आई थी कि LIC ने तीन बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में अपने निवेश से मात्र 35 दिनों में 21000 करोड़ रुपये से अधिक मुनाफा कमाया है। इसमें सबसे बड़ा योगदान TCS का रहा, जहां LIC की हिस्सेदारी के मूल्य में 8,306 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और यह 48,926 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
वहीं, इंफोसिस में LIC के निवेश का मूल्य 7,213 करोड़ रुपये बढ़कर 51,117 करोड़ रुपये हो गया। HCL टेक्नोलॉजीज में भी LIC की हिस्सेदारी में 5,513 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ, जो अब 26,306 करोड़ रुपये हो गई है।
RBI ने किन शर्तों पर दी मंजूरी?
RBI की मंजूरी LIC के आवेदन के आधार पर दी गई है। हालांकि, हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए LIC को बैंकिंग रेग्यूलेशन एक्ट, RBI, 2025 के शेयरहोल्डिंग नियम, FEMA, SEBI के नियम और अन्य लागू कानूनों का पालन करना होगा।
जून तिमाही में एचडीएफसी बैंक के खराब कर्ज यानी NPA में मामूली बढ़ोतरी हुई है।बैंक का ग्रॉस NPA 1.15% से बढ़कर 1.17% हो गया। वहीं नेट NPA 0.38% से बढ़कर 0.41% पहुंच गया।
रुपये में देखें तो ग्रॉस NPA बढ़कर 35,846 करोड़ रुपये हो गया, जो मार्च तिमाही में 34,061 करोड़ रुपये था। नेट NPA भी 11,169 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,357 करोड़ रुपये हो गया।
शेयर पर आज रहेगी निवेशकों की नजर
HDFC Bank का शेयर गुरुवार को 720.15 रुपये पर बंद हुआ। इसमें पिछले बंद भाव के मुकाबले 3.05 रुपये यानी 0.42% की गिरावट रही। आज भी एडीएफसी बैंक पर निवेशकों की नजर रहेगी। अगर शेयर प्राइस हिस्ट्री की बात करें तो HDFC के दिन इस साल अच्छे नहीं रहे। साल 2026 में अबतक यह स्टॉक 27 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है। अभी बुधवार 19 अगस्त को ही इसने 52 हफ्ते के निचले स्तर 715.10 रुपये को टच किया। इसका 52 हफ्ते का हाई 1,020.50 रुपये है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
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