इटली के स्प्रिंटर लैमोंट मार्सेल जैकब्स ने 100 मीटर की रेस 9.67 सेकेंड में पूरी की। 31 साल के जैकब्स ऑस्ट्रियन ओपन में बुधवार को अपने करियर की बेस्ट टाइमिंग हासिल की। हालांकि, उनकी टाइमिंग रिकॉर्ड बुक में दर्ज नहीं हो सकी, क्योंकि आयसेंस्टॉट में रेस के दौरान हवा का बहाव तय सीमा (+4.1 मीटर प्रति सेकेंड की टेलविंड) से अधिक था। इसके बावजूद जैकब्स किसी भी परिस्थिति में उसेन बोल्ट के बाद दुनिया के सबसे तेज धावक बन गए। बोल्ट के नाम 9.58 सेकेंड का वर्ल्ड रिकॉर्ड और 9.63 सेकेंड का विंड-असिस्टेड समय दर्ज है। बोल्ट ने 2009 की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। जैकब्स ने शुरुआत धीमी की, फिर सबको पीछे छोड़ दिया जैकब्स की शुरुआत उतनी तेज नहीं रही। शुरुआती मीटरों में ब्रिटेन के रोमेल ग्लेव और साउथ अफ्रीका के 400 मीटर वर्ल्ड रिकॉर्डधारी वेड वैन नीकेर्क उनसे आगे थे। लेकिन, गति पकड़ने के बाद जैकब्स ने वापसी की और लगभग एक मीटर के अंतर से जीत दर्ज की। ग्लेव और वैन नीकेर्क रहे दूसरे-तीसरे स्थान पर ब्रिटेन के रोमेल ग्लेव 9.76 सेकेंड के साथ दूसरे और वेड वैन नीकेर्क 9.83 सेकेंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे। जापान के योशिहिदे किर्यू 9.99 सेकेंड के साथ चौथे, जर्मनी के ओवेन अंसाह 10.00 सेकेंड के साथ पांचवें और मेजबान ऑस्ट्रिया के मार्कस फुच्स 10.09 सेकेंड के साथ छठे स्थान पर रहे। 100 मीटर रेस के 4 बड़े रिकॉर्ड्स टोक्यो ओलिंपिक के 100 मीटर चैंपियन हैं जैकब्स 1896 में मॉडर्न ओलिंपिक की शुरुआत हुई थी। 1928 तक 100 मीटर के चैंपियन श्वेत एथलीट रहे। 1932 में एडी टोलन पहले अश्वेत ओलिंपिक 100 मीटर चैंपियन बने। 1984 से 2024 तक ओलिंपिक में अश्वेत एथलीट ही 100 मीटर चैंपियन रहे। 2020 टोक्यो ओलिंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट लेमॉन्ट मार्सेल जैकब्स के पिता अफ्रीकी मूल के थे, जबकि मां इटैलियन थीं। इसलिए उन्हें भी ब्लैक एथलीट में गिना गया। ————————————————————–
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