कोल्लम, सात अगस्त केरल की तटीय पुलिस ने 31 जुलाई को यहां पुथेनथुरा के पास मछली पकड़ने वाली एक नाव के पलट जाने के बाद लापता हुए युवक की तलाश शुक्रवार को तेज कर दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नींदाकारा तटीय थाना के अधिकारियों ने बताया कि पुथेनथुरा के रहने वाले गौतम कृष्णा (26) की तलाश के लिए अतिरिक्त नौकाएं, ड्रोन और कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टर और पोत भी खोज अभियान में जुटे हुए हैं। गौतम की मां रेशमा ने बृहस्पतिवार को कोल्लम तटीय थाने में मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों को बताया कि मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि तलाशी के कुछ तरीकों को पहले इसलिए नहीं अपनाया गया था, क्योंकि परिवार ने उनकी मांग नहीं की थी, लेकिन अब उन तरीकों को लागू किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि बाद में केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी और मत्स्य पालन मंत्री के दखल के बाद तटीय पुलिस और मत्स्य पालन विभाग ने खोज का दायरा बढ़ाते हुए व्यापक क्षेत्र में खोजबीन के लिए तथा अधिक नौकाओं एवं कर्मचारी तैनात करने का फैसला किया। इस हादसे में गौतम के पिता राधाकृष्णन (48) और दादा राजीवन (74) की भी मौत हो गई, जो उसी नाव पर सवार थे। ये तीनों उन 14 लोगों के समूह का हिस्सा थे, जो 31 जुलाई को पुथेनथुरा से मछली पकड़ने गए थे।
वापसी के समय उनकी नाव मुहाने के पास ऊंची लहरों की चपेट में आ गई और पलट गई। वन मंत्री शिबू बेबी जॉन गौतम ने पत्रकारों को बताया कि एक अगस्त से ही भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टरों की मदद से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘शुक्रवार को हमने तलाश के लिए ड्रोन भी तैनात किए हैं।
गौतम का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।’’
इस बीच, माकपा की युवा शाखा डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) ने गौतम की तलाश में अधिकारियों की कथित विफलता के विरोध में कोल्लम कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट के बाहर रोक दिया तो उन्होंने नारेबाजी की और इमारत में प्रवेश करने का प्रयास किया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के प्रवेश द्वार पर धरना दिया और नारेबाजी जारी रखी।
इस बीच, विड़िण्णम तटीय पुलिस पुलुविला के रहने वाले जॉन (54) की तलाश जारी रखे हुए है, जो 31 जुलाई को तिरुवनंतपुरम तट के पास नाव के एक अलग हादसे में लापता हो गए थे। जॉन के परिवार ने हाल में विड़िण्णम तटीय थाना के बाहर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि खोज अभियान ठीक से नहीं चलाया जा रहा है। परिवार ने यह भी मांग की है कि ऐसे नौका हादसों के बाद खोज अभियान में अनुभवी मछुआरों को शामिल किया जाए, जिन्हें समुद्र की बेहतर जानकारी होती है।
वहीं, 31 जुलाई को मुथलापोझी के पास नाव पलटने के बाद लापता हुए शिजिन (32) के परिवार के सदस्यों ने शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम के अंचुथेंगु तटीय पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया। परिवार के सदस्यों ने बारिश के बीच ही सड़क पर बैठकर आरोप लगाया कि शिजिन को खोजने के लिए उचित अभियान नहीं चलाया जा रहा है। माकपा के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने परिवार से मुलाकात कर समर्थन जताया।
उन्होंने तीनों लापता मछुआरों की तलाश में सरकार पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। गोविंदन ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि समुद्र में लापता लोगों के शव मिलने में समय लगता है। किसी को यह भी नहीं पता कि मत्स्य मंत्री कौन हैं।’’
उन्होंने कहा कि आठ दिन से मछुआरे लापता हैं, लेकिन किसी मंत्री ने उनके परिजनों से मुलाकात नहीं की।
शाम को परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने शिजीन के घर जाकर परिवार से बातचीत की। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि उस इलाके को जानने वाले 10 मछुआरे तलाशी टीम का हिस्सा होंगे। उन्हें उम्मीद थी कि लापता लोगों का जल्द ही पता चल जाएगा।
वे उस जगह पर दोबारा जाएंगे क्योंकि शनिवार सुबह तलाशी अभियान फिर से शुरू होगा। मत्स्य मंत्री वी. ई. अब्दुल गफूर ने कहा कि केरल तट पर अलग-अलग नाव हादसों में लापता हुए मछुआरों की तलाश के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। गफूर ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने नींदकारा के लोगों से बात की है और वह मुथलापोझी के लोगों से भी संपर्क करेंगे।
उन्होंने कहा, अधिकारी लगातार पीडित परिवारों के संपर्क में हैं और हम उनसे नियमित रूप से बातचीत कर रहे हैं। स्थिति पर हर समय नजर रखी जा रही है। मंत्री ने कहा कि वह पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे, लेकिन तत्काल प्राथमिकता तलाश अभियान को मजबूत करना और लापता मछुआरों का पता लगाना है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम हर दिन स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। हमें सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है और हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।’’
केरल सरकार ने 31 जुलाई को मछुआरों के लापता होने की घटनाओं के बाद से रोजाना उठाए गए कदमों का विवरण देते हुए एक बयान जारी किया। बयान के अनुसार, मत्स्य विभाग, समुद्री प्रवर्तन दल, भारतीय तटरक्षक बल, तटीय पुलिस और जिला प्रशासन के नेतृत्व में संयुक्त खोज एवं बचाव अभियान मुथलापोझी, विड़िण्णम और नींदकारा क्षेत्रों में लापता मछुआरों की तलाश के लिए जारी है।
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