कर्नाटक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता विभाग ने LPG बॉटलिंग यूनिट्स का औचक निरीक्षण किया, इस पूरे अभियान को मिशन निखार का नाम दिया गया है। LPG बॉटलिंग यूनिट्स के निरीक्षण के दौरान हर चार में से एक सिलेंडर में बताई गई मात्रा से कम गैस पाई गई; जिसके बाद विभागीय कार्यवाही के तहत 3 मामले दर्ज कर जुर्माना वसूला गया।
क्या है पूरा मामला?
उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिज़वान के निर्देश पर चलाये गए ‘मिशन निखार’ के तहत, लीगल मेट्रोलॉजी विभाग के अधिकारियों ने 24 सितंबर, 2026 को राज्य में 18 LPG बॉटलिंग यूनिट्स का निरीक्षण किया। इनमें BPCL, HPCL और IOCL की चार-चार यूनिट्स, टोटल एनर्जीज (Total Energies) की दो यूनिट्स और चार प्राइवेट बॉटलिंग यूनिट्स शामिल थीं। इनमें से एक यूनिट बंद पाई गई।
25% सिलेंडरों में कम गैस
निरीक्षण के दौरान कुल 1,530 भरे हुए सिलेंडरों का वजन किया गया। इनमें से 1,148 (75%) सिलेंडरों में बताई गई मात्रा के बराबर या उससे ज्यादा गैस थी, और 382 (25%) सिलेंडरों में बताई गई मात्रा से कम गैस थी, लेकिन यह मात्रा स्वीकार्य त्रुटि सीमा (permissible error limit) के भीतर थी। लीगल मेट्रोलॉजी ने तीन मामले दर्ज किए और नियमों का उल्लंघन करने वाली बॉटलिंग यूनिट्स से 79,000 का जुर्माना वसूला। आपको बता दें कि इससे पहले सितंबर में ही गुजरात के सूरत में टैंकर से LPG गैस की गैर-कानूनी रिफिलिंग करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 लोगों को गिरफ्तार किया था।
सही मात्रा में LPG उपभोक्ता का अधिकार- मंत्री
कर्नाटक में यूनिट्स के निरीक्षण के नतीजों की समीक्षा करने के बाद, मंत्री रिजवान अरशद ने कहा- “सही मात्रा में LPG मिलना उपभोक्ता का अधिकार है। ‘मिशन निखार’ कर्नाटक के लोगों के लिए हमारी माप-तौल की गारंटी है। उपभोक्ताओं को तय मानकों के अनुसार सही मात्रा में LPG पाने का अधिकार है। नियमित निरीक्षण, नियमों के पालन और उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाकर हम हर लेन-देन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना चाहते हैं। हर LPG उपभोक्ता को यह अधिकार है कि वह डिलीवरी के समय सिलेंडर का वजन करवा सके।” रिजवान अरशद ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे इस अधिकार का इस्तेमाल करें और किसी भी तरह के उल्लंघन की सूचना ‘लीगल मेट्रोलॉजी डिपार्टमेंट’ को दें।

उपभोक्ताओं को दी गई सलाह
भारत सरकार की 6 जून 2013 की अधिसूचना G.S.R. 359(E) के अनुसार, जिसमें ‘लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) रूल्स, 2011’ के नियम 18 में संशोधन किया गया था, हर LPG मार्केटिंग कंपनी और डिस्ट्रीब्यूटर के लिए डिलीवरी करने वाले व्यक्ति को वजन करने का उपकरण (तराजू/वजन मशीन) उपलब्ध कराना जरूरी है।
इसलिए, उपभोक्ताओं को डिलीवरी के समय सिलेंडर का वजन करवाने का अधिकार है, और उन्हें सलाह दी जाती है कि वे:
- डिलीवरी लेने से पहले डिलीवरी करने वाले व्यक्ति से अपने सामने सिलेंडर का वजन करने के लिए कहें।
- यह पक्का करें कि वजन करने वाली मशीन पर दिख रहा वज़न, सिलेंडर पर छपे वजन के बराबर हो।
- अगर सिलेंडर का वजन कम हो या वज़न करने का उपकरण उपलब्ध न हो, तो डिलीवरी लेने से मना कर दें और ‘लीगल मेट्रोलॉजी डिपार्टमेंट’ के कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर 1800 599 1100 पर शिकायत दर्ज करें या clm-lm-ka@nic.in पर ईमेल करें।
मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि ऐसे औचक निरीक्षण को नियमित अंतराल में किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अनियमितता पर रोक लगाई जा सके।
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