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उन्होंने कहा कि ऐसे उत्पादों को उपभोक्ताओं के सामने ‘पनीर’ के रूप में लेबल नहीं किया जा सकता, न ही उनका विपणन या बिक्री इस नाम से की जा सकती है। विभाग ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य उत्पाद मानक एवं खाद्य योजक) नियम, 2011 के तहत पनीर एक मानकीकृत खाद्य उत्पाद है, जिसे दूध से तैयार किया जाता है। पनीर में दूध की वसा एक प्रमुख घटक होती है और उसकी जगह वनस्पति तेल, वनस्पति वसा या अन्य गैर-डेयरी सामग्री का इस्तेमाल मान्य नहीं है।
विभाग ने कहा कि कर्नाटक में पनीर के कई नमूनों की जांच की गई और उनमें मिलावट नहीं पाई गई। हालांकि, जन स्वास्थ्य के हित में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है। यह आदेश फ्रोजन मिठाई, प्रोसेस्ड चीज और मिश्रित वसा स्प्रेड जैसे मानकीकृत खाद्य उत्पादों पर लागू नहीं होगा, क्योंकि इनके लिए अलग-अलग मानक पहले से तय हैं।
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विभाग ने खाद्य कारोबारियों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी खाद्य उत्पाद या व्यंजन की तैयारी में एनालॉग/गैर-डेयरी पनीर का इस्तेमाल, भंडारण, आपूर्ति या बिक्री नहीं करें।
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