भारत के महान क्रिकेटर कपिल देव ने पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान के साथ सोमवार को मानवीय व्यवहार किए जाने की अपील की है। उन्होंने बेहतर इलाज की भी मांग की है।
इस वर्ष फरवरी में सुनील गावस्कर समेत 14 पूर्व कप्तानों ने अदियाला जेल में इमरान के स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता जताई थी। इमरान पर जेल में उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने और चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।
कपिल देव ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान के कानून की जानकारी नहीं है, लेकिन वह अधिकारियों से इमरान के लिए एक कैदी के तौर पर भी बुनियादी सुविधाएं और मानवीय व्यवहार की अपील करते हैं। पीजीटीआई के अध्यक्ष कपिल ने ‘डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप’ के लॉन्च के मौके पर कहा, ”हम उस देश के कानून से परिचित नहीं हैं, यह अपनी जगह है। लेकिन हर कैदी के साथ विनम्रता और मानवीय व्यवहार होना चाहिए और उसे बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए, चाहे वह कोई भी हो। इमरान उस देश के पूर्व प्रधानमंत्री और दुनिया के शीर्ष क्रिकेटरों में से एक रहे हैं।” उन्होंने कहा, ”हम चाहते हैं कि उन्हें सर्वश्रेष्ठ इलाज मिले। हम किसी और चीज की मांग नहीं कर रहे हैं और न ही किसी जवाब की अपेक्षा है। हम सिर्फ अनुरोध कर रहे हैं।”
मैं उस दोस्त का समर्थन करना चाहता हूं जो..
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम और वकार यूनिस को छोड़ दें तो किसी अन्य बड़े पाकिस्तानी क्रिकेटर ने सार्वजनिक रूप से इमरान के समर्थन में सामने आकर उनके लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा की मांग नहीं की है। इस बारे में पूछे जाने पर कपिल ने कहा कि वह पाकिस्तान के क्रिकेटरों को दोष नहीं देना चाहेंगे, क्योंकि वे अपने देश में रह रहे हैं। उन्होंने कहा, ”हम बाहर से चीजों को देख रहे हैं। मैं अपने उस दोस्त का समर्थन करना चाहता हूं, जिसके साथ हमने क्रिकेट खेला और जिसकी क्रिकेट प्रतिभा की हमेशा प्रशंसा की।”
इमरान के समर्थन में लिखे गए पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में ग्रेग चैपल, इयान चैपल, एलन बॉर्डर, सुनील गावस्कर, डेविड गॉवर, क्लाइव लॉयड, अर्जुन रणतुंगा, स्टीव वॉ और जॉन राइट समेत कई दिग्गज शामिल हैं। इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। पद से हटाए जाने के बाद भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद से वह जेल में हैं।
यशस्वी जायसवाल पर भी कपिल देव ने दी प्रतिक्रिया
उन्होंने इस दौरान भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच हुई तीखी नोकझोंक पर भी प्रतिक्रिया दी। कपिल ने कहा, ”ऐसी घटनाएं खेल में होती रहती हैं। यह जायसवाल का खेलने का तरीका है। हर खिलाड़ी का अपना व्यक्तित्व होता है। अगर वह इसी तरह खेलना चाहता है तो उसे शुभकामनाएं। लेकिन क्रिकेट बोर्ड को यह तय करना होगा कि सीमा कहां खींचनी है और खिलाड़ी को उस सीमा को पार नहीं करना चाहिए।
आनन्द सुधीर
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