अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने तमिलनाडु के नेता उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया है। उदयनिधि पर एक रैली के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय और अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोप लगे थे। इसके बाद चेन्नई पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि किसी भी सभ्य समाज में अश्लील और अभद्र चुटकुले बर्दाश्त नहीं किए जा सकते। उदयनिधि की गिरफ्तारी को उन्होंने एक अच्छी नजीर बताया है। भले ही जमानत मिल गई हो, पर कार्रवाई जरूरी थी
कंगना रनोट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि सार्वजनिक मंचों से गंदी गालियां देना और गंदे डबल मीनिंग चुटकुले बनाना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। स्टालिन को इस अपराध के लिए जेल भेजा गया। वे भले ही अब तक जमानत पर बाहर आ गए हों, लेकिन यह एक बहुत अच्छी नजीर है। कंगना से पहले बीजेपी नेता खुशबू सुंदर ने भी उदयनिधि के बयान की निंदा करते हुए उनसे तृषा से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की थी। चिन्मयी बोलीं- राजनीति में महिलाओं को घसीटना बंद करें
गायक चिन्मयी श्रीपदा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर नेताओं की सोच पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि अगर राजनीति में शामिल पुरुष अपनी योजनाओं में उन महिलाओं को घसीटना बंद कर दें जिनका इनसे कोई लेना-देना नहीं है, तो यह बहुत बेहतर होगा। चिन्मयी ने आगे कहा कि शुरुआत में वे उदयनिधि की बात का मतलब नहीं समझ पाई थीं। बाद में जब किसी ने इसका अर्थ समझाया तो पता चला कि यह महिलाओं को निशाना बनाने वाली अभद्र भाषा थी। उन्होंने कहा कि युवा नेताओं से बेहतर व्यवहार की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने निराश किया। खुशबू सुंदर ने कहा- यह घटिया राजनीति
अभिनेत्री और बीजेपी नेता खुशबू सुंदर ने भी उदयनिधि स्टालिन के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस टिप्पणी को बेहद घटिया और शर्मनाक करार दिया। खुशबू ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के नाम पर महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की भाषा को सामान्य बनाना गलत है। उन्होंने मांग की कि उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा से सार्वजनिक तौर पर बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। भीड़ के नारे पर उदयनिधि ने की थी टिप्पणी
यह पूरा विवाद तंजौर में आयोजित डीएमके के एक प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ। कावेरी जल विवाद पर मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय पर निशाना साधते हुए जब उदयनिधि भाषण दे रहे थे, तभी भीड़ में से कुछ लोगों ने ‘तृषा-तृषा’ के नारे लगाना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस पर उदयनिधि ने कहा, “पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, वहां जरूर पहुंचना चाहिए।” बाद में सफाई दी कि उनका इशारा कावेरी के पानी की ओर था। विवाद बढ़ने पर जब पुलिस ने उन्हें चेन्नई में हिरासत में लिया, तो उन्होंने इसे सरकार की ‘बदले की कार्रवाई’ बताया। सफाई में कहा- मैंने किसी का नाम नहीं लिया
पुलिस कस्टडी में लिए जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने खुद का बचाव किया। उन्होंने कहा, “आप खुद तय कीजिए, आपने मेरा भाषण सुना है। क्या मैंने कुछ गलत कहा? क्या मैंने मुख्यमंत्री के अलावा किसी अन्य व्यक्ति का नाम लिया था?” हालांकि, आलोचकों और विपक्षी नेताओं का कहना है कि उनकी टिप्पणी स्पष्ट रूप से अभिनेत्री तृषा और मुख्यमंत्री विजय से जुड़े सोशल मीडिया कयासों की तरफ इशारा कर रही थी।
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