पिथौरागढ़ के धारचूला स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के आधार शिविर से कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल सोमवार को गुंजी के लिए रवाना हो गया। दल में 49 यात्री शामिल हैं, जिनमें 15 महिलाएं और 34 पुरुष हैं। गुंजी पहुंचने के बाद यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यात्रा कार्यक्रम के अनुसार दल सोमवार और मंगलवार को गुंजी में ही रुकेगा। इसके बाद मेडिकल और दस्तावेजों की जांच पूरी होने पर बुधवार सुबह यात्रियों को नाभीढांग के लिए रवाना किया जाएगा। दल 8 और 9 जुलाई को नाभीढांग में ठहरेगा। 10 जुलाई की सुबह यात्री लिपुलेख दर्रे से तिब्बत में प्रवेश करेंगे। पहला दल रविवार रात करीब 10 बजे केएमवीएन के धारचूला आधार शिविर पहुंचा था। यहां प्रबंधक यात्राधिकारी धन सिंह बिष्ट और निगम कर्मचारियों ने यात्रियों का स्वागत किया। बिष्ट ने बताया कि 10 जुलाई को आईटीबीपी की ओर से यात्रियों को भारतीय सीमा पर लिपुलेख दर्रे से चीन के अधिकारियों को सौंपा जाएगा। इसके बाद यात्री तकलाकोट पहुंचेंगे। यात्रियों का सामान निगम कर्मियों की मदद से घोड़े और खच्चरों के जरिए लिपुलेख दर्रे तक पहुंचाया जाएगा। यात्रियों को दिलाई हिमालय बचाने की शपथ सोमवार को केएमवीएन के पूर्व प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने यात्रियों को ‘हिमालय बचाओ’ अभियान के तहत शपथ दिलाई। इस दौरान यात्रियों को फलदार प्रजातियों के पौधे भी भेंट किए गए। एसडीएम आशीष जोशी ने यात्रा दल को शुभकामनाएं दीं और उन्हें गुंजी के लिए रवाना किया। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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