IPO से जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कर्ज को कम करने में भी कर सकती है। पहले मामले से जुड़े लोगों ने बताया था कि Jio प्लेटफॉर्म्स इस IPO के जरिए करीब 4 अरब डॉलर यानी लगभग ₹3,300 करोड़ से ज्यादा रकम जुटाने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, वास्तविक IPO साइज और कंपनी का वैल्यूएशन अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। इसलिए निवेशकों के लिए फिलहाल इन आंकड़ों को संभावित अनुमान के तौर पर देखना जरूरी है।
Jio प्लेटफॉर्म्स का IPO ऐसे समय में आ रहा है, जब भारतीय शेयर बाजार में बड़े IPO की गतिविधियां तेज हो रही हैं। देश की प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज कंपनी NSE (National Stock Exchange of India) को भी IPO के लिए SEBI की मंजूरी मिल चुकी है। NSE का IPO सितंबर में आने की उम्मीद है और इसके जरिए करीब 3 अरब डॉलर जुटाए जाने की चर्चा है। ऐसे में अगर Jio प्लेटफॉर्म्स का IPO नवंबर में आता है, तो भारतीय कैपिटल मार्केट में इस साल बड़े इश्यू की रफ्तार और बढ़ सकती है।
Jio प्लेटफॉर्म्स की बाजार में एंट्री को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कंपनी भारत के डिजिटल और टेलीकॉम इकोसिस्टम में एक बड़ा नाम है। कंपनी की लिस्टिंग से निवेशकों को Jio के डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार में सीधे हिस्सेदारी लेने का मौका मिल सकता है। हालांकि, IPO में निवेश से पहले कंपनी का वैल्यूएशन, इश्यू प्राइस, वित्तीय प्रदर्शन, कर्ज और IPO से जुटाई जाने वाली रकम के इस्तेमाल जैसी बातों का आकलन करना जरूरी होगा। फिलहाल, नवंबर का लक्ष्य चर्चा में है, लेकिन अंतिम तारीख और IPO का साइज आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
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