आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI चिप बनाने वाली कंपनी एनवीडिया कॉरपोरेशन के को-फाउंडर और CEO जेन्सेन हुआंग की कुल नेटवर्थ 200 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गई है। शुक्रवार को एनवीडिया के शेयर के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद उनकी नेटवर्थ में यह उछाल आया। फोर्ब्स रियल-टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के मुताबिक, शुक्रवार सुबह हुआंग की संपत्ति बढ़कर लगभग 203.2 बिलियन यानी करीब 19.5 लाख करोड़ रुपए हो गई। इस बढ़त के साथ वह दुनिया के 7वें सबसे अमीर इंसान बन गए हैं। 3.4 बिलियन डॉलर की बढ़त, शेयर 237 डॉलर के पार शुक्रवार के कारोबारी सेशन में एनवीडिया का शेयर 237 डॉलर के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। जिससे हुआंग की संपत्ति में एक ही दिन में 3.4 बिलियन डॉलर का इजाफा हुआ। हालांकि, बाद में शेयर ऊपरी स्तरों से थोड़ा फिसलकर करीब 1.3% की तेजी के साथ 233.95 डॉलर पर बंद हुआ। जेन्सेन हुआंग ने 1993 में एनवीडिया की स्थापना की थी और उनके पास कंपनी की लगभग 4% हिस्सेदारी है। AI में इस्तेमाल होने वाले चिप्स की बढ़ती ग्लोबल डिमांड के कारण एनवीडिया दुनिया की सबसे वैल्यूएबल पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी बन चुकी है। इसी के साथ हुआंग की संपत्ति में भी जबरदस्त उछाल आया है। जानिए क्यों चढ़ रहे हैं एनवीडिया के शेयर? एनवीडिया के शेयरों में आई इस तेजी के पीछे दो मुख्य कारण हैं… 5.7 ट्रिलियन डॉलर हुआ मार्केट कैप, 6 ट्रिलियन डॉलर के करीब इस साल अब तक एनवीडिया के शेयरों में लगभग 27% की तेजी आ चुकी है और कंपनी लगातार चौथे साल डबल डिजिट में रिटर्न देने की राह पर है। एनवीडिया का मार्केट कैपिटलाइजेशन अब करीब 5.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। कंपनी अब इतिहास में पहली बार 6 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप हासिल करने वाली दुनिया की पहली कंपनी बनने से महज 300 बिलियन डॉलर दूर है। सुरक्षा चिंताओं के बीच नया डबल-लेयर्ड AI सिक्योरिटी सिस्टम हाल के महीनों में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर कंपनियों के किए जा रहे भारी-भरकम खर्च और इस तकनीक से मानवता को होने वाले खतरों को लेकर निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ था। इन चिंताओं को दूर करने के लिए सांता क्लारा, कैलिफोर्निया स्थित इस चिप डेवलपर ने सोमवार को एक नया ‘डबल-लेयर्ड AI सिक्योरिटी सिस्टम’ पेश किया है। यह सिस्टम AI एजेंट्स को भटकने से रोकेगा। एनवीडिया का दावा है कि यदि यह सिस्टम पहले होता, तो ओपनएआई के मॉडल्स ने जो हाल ही में सेंधमारी की है, उसको रोका जा सकता था। वॉल स्ट्रीट पर चिप्स की वैल्यूएशन को लेकर बहस दूसरी तरफ, एनवीडिया के फाइनेंसिंग प्लान को लेकर अमेरिकी बाजार यानी वॉल स्ट्रीट पर एनालिस्ट और लेंडर्स के बीच बहस शुरू हो गई है। बैंकिंग सूत्रों और क्रेडिट मैनेजर्स के अनुसार, कुछ लेंडर्स कंपनी से उसके एडवांस्ड चिप्स और इंफ्रास्ट्रक्चर की वैल्यू पर हाई गारंटी की मांग कर रहे हैं। वे यह आकलन करने में लगे हैं कि इन चिप्स से आने वाले रेवेन्यू की लाइफ आखिर कितने समय तक बनी रहेगी। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है ‘शेयर बायबैक’? जब कोई कंपनी शेयर बाजार से अपने ही शेयर खुद वापस खरीदती है, तो उसे ‘शेयर बायबैक’ कहा जाता है। इससे बाजार में शेयर की अवेलेबिलिटी कम हो जाती है, जिससे प्रति शेयर इनकम बढ़ती है और शेयर की कीमत को सपोर्ट मिलता है। ये खबर भी पढ़ें… AI मॉडल्स कंट्रोल से बाहर, 100 संस्थानों में सेंधमारी: गलती पकड़ने के लिए AI से ही 50 पेटाबाइट डेटा जांचना होगा, इंसान को लगेंगे 6.6 करोड़ साल चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के मॉडल ने 100 से ज्यादा संस्थानों के सिस्टम में जबरन घुसपैठ की कोशिश की है। कंपनी ने खुद इसका खुलासा किया है। पूरी खबर पढ़ें…
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