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- Jammu Court Non Bailable Warrant Against Hafiz Saeed | Pahalgam Attack Case
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जम्मू की स्पेशल कोर्ट ने लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद के खिलाफ पहलगाम केस में गैर-जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए हाफिज सईद को हिरासत में लेकर पूछताछ करनी होगी। कोर्ट ने 8 जुलाई को आदेश जारी किया था, जानकारी मंगलवार को सामने आई है।
इससे पहले 6 जुलाई को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहलगाम हमले को लेकर सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी ने कहा था कि बैसरनघाटी में हुए आतंकी हमले की साजिश हाफिज सईद ने ही रची थी। NIA ने हाफिज पर भारत के खिलाफ जंग छेड़ने का आरोप लगाया है।
22 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों ने पहलगाम में धर्म पूछकर लोगों की हत्या की थी। हमले में 26 टूरिस्ट मारे गए थे। इसके बाद भारत ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और PoK में 9 ठिकानों पर हमला किया था। भारत का दावा है कि इसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए।
पहलगाम हमले की दो तस्वीरें…

पिछले साल 22 अप्रैल को कश्मीर की बैसरन घाटी में आतंकी हमला हुआ था।

सभी के आतंकियों के पास AK-47 और अन्य हथियार थे। आतंकियों की फायरिंग में 26 टूरिस्ट मारे गए थे।
पहली चार्जशीट 15 दिसंबर को दाखिल
पहलगाम हमले के बाद NIA ने 15 दिसंबर 2025 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें पाकिस्तान के आतंकी हैंडलर साजिद जट समेत 6 आतंकियों को आरोपी बनाया था।
उस वक्त हाफिज सईद का नाम सामने नहीं आया था। पहलगाम हमले के 3 आतंकी मारे जा चुके हैं। आतंकियों का हैंडलर सैफुल्लाह जट्ट उर्फ लंगड़ा अभी जिंदा है। उस पर 10 लाख का इनाम है।
NIA चार्जशीट में अबतक 5 खुलासे…
- आतंकियों को रियल टाइम डॉयरेक्शन मिला: लश्कर आतंकी सैफुल्लाह जट्ट उर्फ लंगड़ा को मास्टरमाइंड बताया गया था। साजिद पाकिस्तान के लाहौर में कसूर में रहता है। जट्ट ही आतंकियों का मेन हैंडलर था। वह उन्हें रियल टाइम डायरेक्शन दे रहा था। उसने ही हमले वाली जगह बैसरन वैली की लोकेशन भेजी थी। हमले के दौरान आतंकियों से बात कर रहा था।
- दो गाइड्स ने आतंकियों को देखा था: टूरिस्ट गाइड परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद जोठार वक्त रहते जानकारी देते तो हमला को टाला जा सकता था। दरअसल, दोनों गाइड ने आतंकियों को बैसरन में देखा था लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को नहीं बताया। दोनों गिरफ्तार हो चुके हैं।
- हमले से पहले पेड़ के नीचे खाना खाया: हमले से एक दिन पहले तीनों आतंकियों ने गाइड परवेज की झोपड़ी में खाना खाया। जाते वक्त रोटी-सब्जी भी साथ ले गए थे। तीनों आतंकियों ने फायरिंग से पहले बैसरन घाटी में एक पेड़ के नीचे खाना खाया। वारदात के बाद तीनों ने धार्मिक नारे लगाते हुए फायरिंग भी की थी।
- आतंकियों तक चीन से पहुंचा एक्शन कैमरा: हमले में जिस एक्शन कैमरे का इस्तेमाल किया, वह अमेरिका में बना था और चीन के रास्ते आतंकियों तक पहुंचा था। ये एक छोटा एक्शन कैमरा है, इसे बाइकिंग, ट्रैकिंग, डाइविंग और यात्रा के दौरान वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए बनाया गया है।
- आतंकियों के मोबाइल कराची-लाहौर से आए: हमले में शामिल आतंकियों का 28 जुलाई को एनकाउंटर हुआ था। इनके पास से ऑरेंज कलर का RedMi 9T और एक ब्लैक कलर का RedMi Note 12 बरामद हुआ था। दोनों मोबाइल कराची की सप्लाई चेन के जरिए पाकिस्तान पहुंचे थे। इनके नेविगेशन ऐप में बैसरन घाटी की लोकेशन और स्क्रीनशॉट मिले।

ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकियों की तस्वीर। (सुलेमान शाह उर्फ फैजल, जटहमजा अफगानी और जिब्रान)
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