पीएम नरेंद्र मोदी के साथ सनप्रीत सिंह की फोटो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जालंधर दौरे के दौरान हरे रंग की पगड़ी शहर के सनप्रीत सिंह ने बांधी। सनप्रीत ने पीएम मोदी को तीसरी बार पगड़ी पहनाई है। 17 जुलाई को सनप्रीत को प्रधानमंत्री के लिए हरे रंग की सेमी पटियाला शाही पगड़ी सजाने की जिम्मेदारी दी गई
सनप्रीत के अनुसार, पगड़ी सजाते समय प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कहा था पिछली बार की तुलना में इस बार और बेहतर पगड़ी सजानी है। सनप्रीत ने बताया कि उनकी इच्छा थी कि वे प्रधानमंत्री से बातचीत करें, लेकिन पगड़ी सजाने पर पूरा ध्यान होने के कारण वे ज्यादा बात नहीं कर पाए।
सनप्रीत सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की पगड़ी सजाना उनके लिए गर्व भरा और एक यादगार अनुभव रहा।
17 जुलाई को जालंधर में जनसभा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी हरे रंग की पगड़ी बांधकर मंच पर आए थे।
पीएम और सनप्रीत के बीच क्या बातचीत हुई, विस्तार से पढ़िए…
- पगड़ी ले आए लेकिन फिफ्टी लाना भूल गए: सनप्रीत ने बताया कि एक दिन पहले केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने कार्यक्रम की जानकारी दी थी। उन्हें विशेष रूप से हरे रंग की पगड़ी लाने की मांग की गई थी। हालांकि, पुलिस वेरिफिकेशन और सुरक्षा प्रोटोकॉल की जल्दबाजी और हड़बड़ी में वे पगड़ी के नीचे बांधी जाने वाली ‘फिफ्टी’ (पटका) लाना भूल गए थे, जिसे समय रहते मौके पर ही मंगवा लिया गया। पिछली दो मुलाकातों में फिफ्टी नहीं बांधी गई थी, इसलिए इस बार उनके मन में इसे बांधने की विशेष इच्छा थी।
- पगड़ी बांधते समय सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ा लड़: प्रधानमंत्री को इस बार 6 मीटर की ‘सेमी पटियाला शाही’ पगड़ी बांधी गई। सनप्रीत के अनुसार पिछली बार की तुलना में इस पगड़ी का आकार तो वही था, लेकिन आखिरी लड़ (छोर) को मोरनी स्टाइल की जगह बिल्कुल सीधा और सिंपल रखा गया था, जो प्रधानमंत्री के चेहरे पर काफी अच्छा रहा था।
- PM के सामने घबराहट भी थी: उन्होंने कहा कि पगड़ी बांधते समय सुरक्षाकर्मियों ने कपड़ा पकड़ने में मदद की और कम समय में पूरी तैयारी कर ली। प्रधानमंत्री के सामने होने के कारण उनके मन में थोड़ा डर और संकोच जरूर था कि पगड़ी कहीं ज्यादा टाइट न हो जाए और वे पूरी तरह सहज रहें। इसी वजह से सारा ध्यान सिर्फ पगड़ी पर ही केंद्रित रहा और डेढ़ मिनट में ही उन्होंने पूरी पगड़ी बांधकर तैयार कर दी।

सनप्रीत युवाओं को पगड़ी बांधने की ट्रेनिंग देते हैं।- फाइल फोटो
- शीशे में देखकर बोले-बहुत सुंदर बांधी है: जब प्रधानमंत्री ने सामने लगे शीशे में पगड़ी को देखा, तो उन्होंने बहुत ही सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। सनप्रीत का चेहरा देखते ही प्रधानमंत्री ने उन्हें पहचान लिया और हंसते हुए हिंदी में कहा, पिछली बार से बढ़िया बांधना और छोटी बांधना। पगड़ी पूरी होने के बाद उन्होंने शीशे में देखकर खुशी जताई और तारीफ करते हुए कहा, बहुत सुंदर बांधी है।
- PM से बात करने की इच्छा थी: सनप्रीत के मन में देश के प्रधानमंत्री से बहुत सी बातें करने की इच्छा थी, लेकिन समय की कमी और काम बिगड़ने के डर से वे सिर्फ अपने हुनर पर ही ध्यान देते रहे। पगड़ी बांधने के बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने प्रधानमंत्री के साथ उनकी एक तस्वीर भी खींची। सनप्रीत अब तक तीन बार प्रधानमंत्री को पगड़ी बांध चुके हैं। पहले 2 बार केसरी रंग की पगड़ी बांधी थी। इसके साथ पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पगड़ी बांध चुके हैं।
- इस बार पार्टी ने चुना हरा रंग: सनप्रीत ने बताया कि उनको दिन और तारीख तो पता नहीं है। लेकिन पहली बार उन्होंने पीएम को कोरोना काल और इसके बाद इसी साल 1 फरवरी को डेरा बल्लां दौरे और अब जालंधर कैंट दौरे के दौरान पगड़ी बांधी। इस बार पगड़ी का हरा रंग पार्टी ने चुना है। उनको केवल एक दिन पहले हरे रंग का कपड़ा लेकर आने के लिए कहा था।

सनप्रीत कई हस्तियों को पगड़ी बांध चुके हैं।- फाइल फोटो
- हरे रंग पर PM मोदी का जवाब: हालांकि हरे रंग पर पंजाब बीजेपी के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ ने स्टेज का किस्सा शेयर करते हुए बताया कि जब पीएम से पूछा गया कि ये रंग किसके लिए है, किसानों या फिर जवानों के लिए तो पीएम ने कहा था कि दोनों के लिए।
- इस बार 6 मीटर कपड़े से बांधी पगड़ी: सनप्रीत ने बताया कि लास्ट टाइम जब पीएम को पगड़ी बांधी थी तो वो मोरनी स्टाइल था। पिछली बार वे कपड़ा साढ़े 6 मीटर के करीब ले गए थे, इससे पगड़ी भारी हो गई थी, इस बार वे 6 मीटर कपड़ा लेकर गए थे।
- मोबाइल तक ले जाने की अनुमति नहीं: सनप्रीत ने कहा कि आम लोगों की तरह उसे भी एक दिन पहले ही हिदायत आ गई थी कि क्या लाना है और क्या नहीं लाना है। उनके पास जो लिफाफा था उसकी जांच की गई। इसके अलावा वो कुछ भी साथ नहीं लेकर गए। मोबाइल भी अंदर लेकर जाना मना था। पगड़ी बांधने के दौरान सिक्योरिटी के 5 -6 लोगों के अलावा कोई मौजूद नहीं था।
- पगड़ी बांधने के बाद PM ने मिलाया हाथ: पगड़ी बांधने के बाद मैंने पीएम से पूछा कि टाइट तो नहीं तो उन्होंने कहा कि नहीं ठीक है। इसके बाद उन्होंने खुद पगड़ी को शीशे में देखा और मुड़कर कहा- बहुत अच्छी बांधी है। उसे पगड़ी बांधने के लिए 2 मिनट का ही समय दिया गया था। उसने पगड़ी 2 मिनट से पहले ही बांध दी थी। पीएम ने उनके साथ हाथ मिलाया।
पगड़ी बांधने की फीस नहीं बताई पगड़ी बांधने के लिए पार्टी ने कितने पैसे दिए, इसके बारे में सनप्रीत ने डिसक्लोज नहीं किया। इतना कहा कि ये उनका सौभाग्य है कि उन्हें PM को पगड़ी बांधने का मौका मिला। उन्होंने पगड़ी बांधने के लिए कोई प्रैक्टिस नहीं की। वह पहले भी पीएम को पगड़ी बांध चुके थे, इसलिए मन में यही था कि ठीक से पगड़ी बंध जाए। इससे भी ज्यादा ये कि पीएम को बंधी हुई पगड़ी पसंद आ जाए। पगड़ी बंधने के बाद पीएम 1 मिनट के लिए भी नहीं रुके और सीधा स्टेज की तरफ रवाना हो गए।
5 साल से युवाओं को पगड़ी बांधना सिखा रहे सनप्रीत जालंधर में वेडिंग नाम से अकेडमी चलाते हैं और युवकों को पगड़ी बांधना सिखाते हैं। पिछले 5 साल से ज्यादा वक्त से वो प्रोफेशनली पगड़ी बांधने और सिखाने का काम कर रहे हैं।
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