देश की प्रमुख विविध कारोबार वाली कंपनियों में शामिल आईटीसी लिमिटेड के लिए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही कुछ चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी की कुल आय में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज होने के बावजूद मुनाफे पर दबाव देखने को मिला। इसकी सबसे बड़ी वजह सिगरेट पर सरकार की ओर से लगाए गए नए उत्पाद शुल्क और बढ़ा हुआ कर बोझ माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कर व्यवस्था में हुए बदलाव का असर कंपनी के मुख्य सिगरेट कारोबार पर साफ दिखाई दिया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, 30 जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही में आईटीसी लिमिटेड का शुद्ध लाभ 27 प्रतिशत घटकर 3,579 करोड़ रुपये रह गया है। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में यह गिरावट काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कंपनी का मुख्य कारोबार लंबे समय से सिगरेट बिक्री पर आधारित रहा है और इस क्षेत्र में मुनाफे में कमी का असर सीधे उसके कुल कारोबर पर पड़ा है।
बता दें कि इस वर्ष केंद्र सरकार ने सिगरेट पर उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी की है। नई व्यवस्था के तहत प्रति एक हजार सिगरेट पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक उत्पाद शुल्क लगाया गया है। इसके अलावा पहले से लागू 40 प्रतिशत उपभोग कर भी जारी है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला सिगरेट उद्योग के लिए उम्मीद से अधिक कड़ा साबित हुआ है और इससे कंपनियों की लागत तथा लाभ दोनों प्रभावित हुए हैं।
हालांकि कंपनी ने बढ़े हुए कर के प्रभाव को कम करने के लिए चरणबद्ध तरीके से सिगरेट की कीमतों में बढ़ोतरी की, लेकिन इसका पूरा लाभ नहीं मिल सका। परिणामस्वरूप वित्तीय खर्च, कॉरपोरेट व्यय और कर से पहले सिगरेट कारोबार का लाभ लगभग एक तिहाई घट गया है।
दूसरी ओर कंपनी की कुल आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पहली तिमाही के दौरान कुल आय 28 प्रतिशत बढ़कर 26,943 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 21,070 करोड़ रुपये थी। यह तेजी मुख्य रूप से कंपनी के गैर-सिगरेट उपभोक्ता उत्पाद कारोबार में आई मजबूती के कारण संभव हुई है। इस कारोबार में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
गौरतलब है कि आईटीसी केवल सिगरेट कारोबार तक सीमित नहीं है। कंपनी पैकेज्ड खाद्य पदार्थ, आटा, बिस्कुट, व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद, होटल, कृषि कारोबार और कागज जैसे कई क्षेत्रों में भी सक्रिय है। इसके बावजूद सिगरेट कारोबार अब भी कंपनी के लाभ का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है, इसलिए इस क्षेत्र में आने वाली किसी भी चुनौती का असर पूरे वित्तीय प्रदर्शन पर दिखाई देता है।
कंपनी के कुल खर्च में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। पहली तिमाही के दौरान कुल खर्च 50 प्रतिशत बढ़कर 22,829 करोड़ रुपये पहुंच गया। बढ़ती लागत और कर का दबाव मुनाफे में गिरावट का प्रमुख कारण रहा है।
शेयर बाजार में भी कंपनी के तिमाही नतीजों का असर देखने को मिला। शुक्रवार को कारोबार समाप्त होने तक आईटीसी लिमिटेड का शेयर लगभग 1.4 प्रतिशत गिरकर 281 रुपये पर बंद हुआ। इसके साथ ही कंपनी का शेयर इस वर्ष अब तक करीब 30 प्रतिशत कमजोर हो चुका है। यह दिन के कारोबार में राष्ट्रीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक में सबसे अधिक गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहा है।
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