- अमेरिकी अधिकारी दुश्मन की गोलीबारी से विमान गिरने की जांच कर रहे।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध और संघर्ष लंबे समय से जारी है, जिसे खत्म करने के लिए दोनों पक्षों के बीच शांतिवार्ता तेजी से जारी है. हालांकि, इस बीच एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें ये आशंका जताई जा रही है कि ईरान ने चीन में निर्मित एक मिसाइल हमला करके अमेरिकी वायुसेना के एक F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया है.
रिपोर्ट में दावा किया गया कि पिछले महीने दोनों देशों के बीच संघर्ष के दौरान दक्षिण-पश्चिमी ईरान के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हुए एक अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान को संभवतः चीन में निर्मित कंधे पर रखकर दागी जाने वाली मिसाइल से निशाना बनाया गया था.
चीन ने मदद के तौर पर ईरान को क्या-क्या दिया?
NBC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, संघर्ष के दौरान चीन ने ईरान को अतिरिक्त सैन्य मदद भी दी हो सकती है. इसमें स्टील्थ विमान तकनीक और लंबी दूरी के रडार सिस्टम्स भी शामिल थे. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इन सिस्टम्स से ईरान की एफ-15ई स्ट्राइक ईगल जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों का पता लगाने और उनकी निगरानी करने की क्षमता बेहतर हो सकती थी.
विमान के गिरने के बाद क्या बोले थे ट्रंप?
रिपोर्ट के मुताबिक, उस वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि विमान को एक कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल, जिसे MANPADS भी कहा जाता है, ने निशाना बनाया था. ये छोटे और पोर्टेबल मिसाइल सिस्टम होते हैं, जिसे एक व्यक्ति अपने कंधे पर रखकर कम ऊंचाई पर उड़ रहे विमानों पर दाग सकता है. इनकी लंबाई करीब 7 फीट और वजन करीब 40 पाउंड होता है.
विमान दुर्घटना के बाद 36 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना के लड़ाकू विमान के गिरने के बाद उसके क्रू को खोजने के लिए 36 घंटें तक का व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया था. अमेरिकी अधिकारी अब भी इस बात की जांच कर रहे हैं कि पिछले महीने अप्रैल में इस विमान को आखिर कैसे मार गिराया गया. इस घटना को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि संभवतः कई दशकों में यह पहली बार हो सकता है जब किसी अमेरिकी लड़ाकू विमान को दुश्मन की गोलीबारी से गिराया गया हो.
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