US Iran Tensions: ईरान के राजनीतिक हालात को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई जीवित हैं और सार्वजनिक रूप से नजर न आने के बावजूद देश के मामलों में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने यह बात अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के सामने कही.
पर्दे के पीछे से बढ़ी सक्रियता का दावा
मार्को रुबियो के अनुसार ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि मुज्तबा खामेनेई अब पहले से ज्यादा सक्रिय रूप से सत्ता संचालन में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि हालांकि वे सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं, लेकिन वे अंदरूनी तौर पर महत्वपूर्ण निर्णयों में भूमिका निभा रहे हैं. रुबियो ने यह भी संकेत दिया कि इस वर्ष की शुरुआत में हुए अमेरिका-इजराइल हमलों में घायल होने के बाद भी वे देश के संचालन से पूरी तरह अलग नहीं हुए हैं.
परिवार और सत्ता संघर्ष की पृष्ठभूमि
जानकारी के अनुसार मुज्तबा खामेनेई को उनके पिता अली खामेनेई की हत्या के बाद सुप्रीम लीडर घोषित किया गया था. यह घटना 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए शुरुआती हमलों के दौरान हुई बताई जा रही है. इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए, जिससे स्थिति धीरे-धीरे क्षेत्रीय युद्ध में बदल गई. हालांकि अब हालात किसी तरह अस्थायी युद्धविराम के तहत बने हुए हैं.
हार्मुज जलडमरूमध्य बना वैश्विक तनाव का कारण
इस संघर्ष के बीच ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हार्मुज को बंद किए जाने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है. यह जलमार्ग दुनिया के तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मुज्तबा खामेनेई फिलहाल किसी गुप्त स्थान पर कड़ी सुरक्षा के बीच रह रहे हैं और वहीं से एनक्रिप्टेड संचार और अन्य माध्यमों से सरकार के फैसलों में शामिल हैं.
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में गतिरोध
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान के साथ शांति वार्ता को लेकर अभी भी संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन बातचीत पूरी तरह रुकी हुई है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन किसी समझौते की संभावना से इनकार नहीं कर रहा है, लेकिन हालात बेहद अस्थिर हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि जल्द ही किसी नए समझौते की उम्मीद की जा सकती है.
ईरान पर प्रतिबंधों की शर्तें सख्त
रुबियो ने स्पष्ट किया कि ईरान पर लगे प्रतिबंध तब तक जारी रहेंगे जब तक वह अपनी परमाणु गतिविधियों और यूरेनियम संवर्धन को लेकर ठोस कदम नहीं उठाता. उन्होंने कहा कि ईरान को स्पष्ट रूप से यह घोषणा करनी होगी कि वह हार्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल रहा है और किसी भी जहाज पर हमले नहीं किए जाएंगे. साथ ही समुद्री मार्गों से बारूदी सुरंगें हटाने में भी सहयोग करना होगा.
परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका का कड़ा रुख
अमेरिका का कहना है कि ईरान पर लगे प्रतिबंध उसके परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन गतिविधियों के कारण लगाए गए हैं. यदि ईरान इन गतिविधियों को रोकने या समाप्त करने पर सहमत होता है तो प्रतिबंधों में राहत दी जा सकती है.
मध्य पूर्व में तनाव बरकरार
इस बीच इजराइल और लेबनान में जारी संघर्ष के कारण मध्य पूर्व की स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है. इसी वजह से ईरान ने मध्यस्थों के जरिए चल रही शांति वार्ता को भी फिलहाल रोक दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक क्षेत्रीय संघर्ष पूरी तरह शांत नहीं होता, तब तक ईरान-अमेरिका वार्ता में बड़ी प्रगति की संभावना कम ही दिखाई दे रही है.
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