अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है. इसी बीच ईरान ने अपने नए कमांडर-इन-चीफ के नाम का भी ऐलान कर दिया है. अहमद वाहिदी को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्म्स (IRGC) की नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है. 31 दिसंबर 2025 को वाहिदी को डिप्टी कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया था.
साल 1988-1998 तक वाहिदी कुद्स फोर्स के पहले कमांडर रहे. ये IRGC की वो शाखा है जो ईरान के बाहर सैन्य और खुफिया ऑपरेशनों के लिए जिम्मेदार मानी जाती है. इसके अलावा वाहिदी 2009-2013 तक रक्षा मंत्री भी रह चुके हैं. वे एक्सपीडिएंसी डिस्कर्नमेंट काउंसिल के सदस्य और सुप्रीम नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी के चेयरमैन भी रहे.
वाहिदी इंटरपोल की रेड नोटिस लिस्ट में
बता दें कि 1994 में अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में यहूदी केंद्र पर हुए बम विस्फोट में कथित संलिप्तता के चलते वाहिदी इंटरपोल की रेड नोटिस लिस्ट में हैं. इस बम विस्फोट में 85 लोग मारे गए थे. वाहिदी पर अमेरिका और यूरोपियन यूनियन ने कई प्रतिबंध लगाए हैं. बैन का कारण ईरान के परमाणु कार्यक्रम से उनके संबंध और 2022 के विरोध प्रदर्शनों में मानवाधिकारों के उल्लंघन में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है.
कब और कहां हुआ अहमद वाहिदी का जन्म
अहमद वाहिदी का जन्म 27 जून 1958 को ईरान के शिराज में हुआ. वाहिदी इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट, औद्योगिक इंजीनियरिंग में मास्टर और रणनीतिक अध्ययन में पीएचडी हैं. वाहिदी को ईरान की सैन्य रणनीति का मास्टरमाइंड माना जाता है.
इजरायल और अमेरिका के हमलों में अली खामेनेई के परिवार के सदस्यों की भी मौत हुई है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि खामेनेई ने हमलों में अपने दामाद और बहू को भी खो दिया है. पत्रकारों के क्लब तेहरान सिटी काउंसिल के सदस्य मीसम मुजफ्फर ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता के दामाद और बेटी भी मारे गए हैं.
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