ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका पूरा कंट्रोल है। संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि होर्मुज में किसी भी माइन-क्लियरिंग को सीजफायर का उल्लंघन माना जाएगा और जवाब दिया जाएगा। गालिबाफ ने अमेरिका की ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी को लापरवाह और गलत फैसला बताया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान इस रास्ते से नहीं गुजर सकता, तो अन्य देशों को भी अनुमति नहीं दी जाएगी। ईरान ने कहा कि उसे अमेरिका पर भरोसा नहीं है और हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं, इसलिए उसकी सेना तैयार है। गालिबाफ ने कहा कि ईरान कूटनीति के रास्ते पर आगे बढ़ने को तैयार है, लेकिन यह कमजोरी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास संसाधन और हथियार हैं, लेकिन रणनीतिक तौर पर वह ईरान के सामने कमजोर पड़ा है। ईरानी स्पीकर बोले- अमेरिका से अंतिम समझौता अभी दूर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका और ईरान की बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन कई अहम मुद्दे अनसुलझे हैं और अंतिम समझौता दूर है। गालिबाफ के मुताबिक, किसी भी डील को चरणबद्ध और पारस्परिक कार्रवाई के आधार पर लागू किया जाएगा। ईरान ने अमेरिका से कहा कि उसे एकतरफा और दबाव बनाने वाली नीतियों से दूर हटकर ईरानी जनता का भरोसा जीतना होगा। गालिबाफ ने चेतावनी दी, “अगर उन्होंने जरा सी भी गलती की, तो पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा।”
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स ईरान ने होर्मुज में 2 भारतीय जहाजों पर फायरिंग की। 14 जहाज रोके गए, 13 वापस लौटे। भारत ने राजदूत को तलब कर विरोध जताया। ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए स्ट्रेट दोबारा बंद किया। सप्लाई संकट के बीच अमेरिका ने इमरजेंसी रिजर्व से 2.6 करोड़ बैरल तेल निकालकर कंपनियों को दिया। सोमवार को पाकिस्तान में नई बातचीत हो सकती है। दोनों पक्षों ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ट्रम्प बोले- समझौता करीब है, लेकिन डील होने तक ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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