अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान के साथ शांति समझौता को खत्म करने की घोषणा के बाद से पश्चिम एशिया में लगातार बारूद की महक आ रही है. अमेरिका लगातार ईरानी ठिकानों को अपना निशाना बनाकर हमले कर रहा है. वहीं, दूसरी तरफ ईरान की सरकार ने इन अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है.
अमेरिका की तरफ से लगातार किए जा रहे हमलों को लेकर ईरान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (16 जुलाई, 2026) को एक आधिकारिक बयान जारी किया है. बयान में ईरानी विदेश मंत्रालय ने कड़ी निंदा करते हुए अमेरिकी हमलों को ईरानी राष्ट्र के खिलाफ युद्ध अपराध करार दिया है.
अमेरिकी हमलों पर ईरान ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘अमेरिका ने इस्लामाबाद समझौता (Islamabad MoU) के तहत किए गए अपने वादों का उल्लंघन किया है. इसके साथ ही, ये हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN Charter) और अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों का भी खुले तौर पर उल्लंघन हैं.’
In an exclusive interview with Press TV, Iran’s foreign ministry spokesman Esmaeil Baqaei says the US aggression against the country is a blatant violation of international law and the MoU signed between the two parties.
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— Press TV 🔻 (@PressTV) July 16, 2026
मंत्रालय ने कहा, ‘ईरान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उपलब्ध सभी तरह के साधनों का इस्तेमाल करेगा. ईरान का प्रतिशोध संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की उस जिम्मेदारी को कम नहीं करता, जिसके तहत आक्रामक कार्रवाई करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.’
ईरान की UN को धमकी और US पर आरोप
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में धमकी दी है कि अगर अमेरिका की तरफ से किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों के उल्लंघनों पर इसी तरह से उदासीनता बरती जाती है और किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं जाती है, तो इससे दुनिया के लिए लंबे समय तक गंभीर नतीजे हो सकते हैं.
ईरान ने कहा कि अमेरिका ने मध्यस्थता के जरिए हुए इस्लामाबाद समझौते पर साइन करने के महज 20 दिनों बाद ही इसका उल्लंघन कर दिया. तेहरान ने आरोप लगाया है कि वाशिंगटन ने इस्लामाबाद समझौते के कई प्रावधानों का सीधे तौर पर उल्लंघन करते हुए उसके खिलाफ फिर से आक्रामक कार्रवाई को अंजाम दिया है और इसके कदम के जो भी नतीजे होंगे, उन सबकी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी.
खाड़ी के पड़ोसी देशों से ईरान की अपील
ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस दौरान पर्शियन गल्फ के पड़ोसी देशों से भी अपील की है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई के लिए न होने दें. इलाके में स्थायी सुरक्षा सिर्फ और सिर्फ क्षेत्रीय देशों के बीच सहयोग, आपसी समझ और भरोसे के जरिए ही सुनिश्चित की जा सकती है. क्षेत्रीय सुरक्षा को किसी भी विदेशी सैन्य मौजूदगी और अमेरिका के विनाशकारी हस्तक्षेप के बिना ही स्थापित किया जाना चाहिए.
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