यूपीएससी सीएसई की परीक्षा काफी कठिन मानी जाती है। इसे पास करने के लिए उम्मीदवारों को ना जाने कितने ही चुनौतियों से गुजरना पड़ता है। लेकिन कहते हैं कि कोशिश करने वालों की हार नहीं होती है। आईपीएस अधिकारी आलोक राज नारायण की कहानी भी कुछ ऐसी ही हैं, जि
बिहार के नवादा जिले के निवासी हैं आलोक राज
आलोक राज नारायण बिहार के नवादा जिले के एक छोटे से गांव गोरिहारी के रहने वाले हैं। वो बेहद ही साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी पढ़ाई-लिखाई बेहद सीमित संसाधनों के बीच गुजरा। प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी विद्यालय में पांचवीं कक्षा तक हुई। इसके बाद उन्होंने रोह हाई स्कूल में पढ़ाई की। नौवीं कक्षा में उनका दाखिला जीवन दीप पब्लिक स्कूल में हुआ, जहां से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। कोटा, राजस्थान से इंटरमीडिएट करने के बाद उन्होंने दिल्ली से बीटेक की डिग्री हासिल की। यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने राजनीति विज्ञान में एमए भी किया और इसी विषय को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में चुना।
पिता ने बेच दी जमीन
आलोक की सफलता के पीछे उनके परिवार की काफी अहम भूमिका रही। उनके पिता का नाम नरेश प्रसाद यादव है। एनटीवी में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, बेटे यानी आलोक राज को पढ़ाने के लिए जमीन तक बेच दी। नरेश प्रसाद यादव मध्य विद्यालय नेमदारगंज से सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि यह जमीन नवादा शहर में मकान बनाने के लिए खरीदी गई थी, जिसे पढ़ाई के लिए बेचना पड़ा ताकि बेटे को तैयारी के दौरान किसी आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
7वें प्रयास में मिली सफलता
हालांकि आलोक राज अपने गांव से 15 साल तक दूर रहें, ताकि वो अपनी मंजिल को प्राप्त कर सके। लेकिन आलोक राज के लिए इतना आसान नहीं था। इस दौरान उन्हें कई असफलताओं से गुजरना पड़ा। आलोक राज नारायण ने साल 2015 से यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। शुरुआती छह प्रयासों में उन्हें असफलता मिली, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। लगातार मेहनत, आत्मविश्वास और धैर्य के बल पर आखिरकार सिविल सेवा परीक्षा 2021 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 346 हासिल की। बता दें कि सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों को यूपीएससी में छह और ओबीसी श्रेणी को नौ अटेम्प्ट मिलते हैं।
गृह मंत्रालय में भी मिली थी नौकरी
बता दें कि यूपीएससी का अंतिम परिणाम आने से ठीक पहले आलोक राज नारायण का चयन गृह मंत्रालय के एक पद पर हो चुका था और 20 जून को उनकी जॉइनिंग होनी थी। इसी बीच सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ और उन्हें 346वीं रैंक मिली। उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा को चुना और प्रशिक्षण के बाद उत्तर प्रदेश कैडर में नियुक्त हुए।
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