दावा सामने आने के बाद कई यूजर्स ने इसकी सच्चाई पर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि HFT इंडस्ट्री में प्रतिभा के धनी छात्रों को बेहद आकर्षक पैकेज मिलना असंभव नहीं है। हालांकि, इस खास दावे की पुष्टि नहीं हुई है।
छात्र ने किया 40 लाख रुपये महीना CTC का दावा
दरअसल, रेडिट पर शेयर की गई पोस्ट में दावा करने वाले छात्र ने बताया कि वह एक टियर-1 कॉलेज से कम्प्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहा है। उसके मुताबिक, उसे HFT फर्म से ऐसा इंटर्नशिप ऑफर मिला है, जिसका CTC करीब 40 लाख रुपये प्रति माह है। इस दावे ने यूजर्स को इसलिए भी हैरान किया क्योंकि इतनी बड़ी रकम आमतौर पर अनुभवी प्रोफेशनल्स के सालाना पैकेज से भी काफी ज्यादा होती है। शुरुआत में कई Reddit यूजर्स को लगा कि छात्र ने शायद 40 लाख रुपये के वार्षिक पैकेज की बात की है। बाद में जब पोस्ट में इसे मासिक CTC बताया गया, तो चर्चा और तेज हो गई।
सैलरी से ज्यादा माता-पिता को दिया श्रेय
इस पोस्ट का एक भावनात्मक पहलू भी सामने आया। छात्र ने सिर्फ बड़े पैकेज की बात करने के बजाय अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उसने कहा कि उनकी मदद और शिक्षा में सहयोग के बिना वह इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाता। छात्र ने अपने माता-पिता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वह इंटर्नशिप हासिल करने के बाद उनके लिए कुछ करना चाहता है। यही वजह है कि पोस्ट पर कई यूजर्स ने पैकेज से ज्यादा छात्र की इस सोच की सराहना की।
HFT कंपनियां क्यों देती हैं इतने बड़े पैकेज?
एचएफटी कंपनियां वित्तीय बाजारों में बेहद तेज गति से ट्रेडिंग और डेटा आधारित निर्णयों के लिए अत्याधुनिक तकनीक, गणित और एल्गोरिदम का इस्तेमाल करती हैं। इस क्षेत्र में काम करने के लिए तकनीकी और विश्लेषणात्मक क्षमता की जरूरत होती है। एक यूजर्स के मुताबिक, HFT कंपनियां आमतौर पर कुछ चुनिंदा टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों से ही प्रतिभाशाली छात्रों की भर्ती करती हैं। वे डेटा स्ट्रक्चर और एल्गोरिदम, कंपटेटिव प्रोग्रामिंग, मैथमेटिकल रिजनिंग और प्रोब्लम सॉल्विंग स्किल्स में मजबूत उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं। एक यूजर ने दावा किया कि ऐसी कंपनियां भर्ती के मामले में “बहुत ज्यादा चुनिंदा” होती हैं और अक्सर टॉप प्रदर्शन करने वाले कंप्यूटर छात्रों को ही मौका देती हैं।
सिर्फ डिग्री नहीं, स्किल्स भी जरूरी
इस चर्चा से यह भी सामने आता है कि HFT जैसे सेक्टर में सिर्फ अच्छे कॉलेज या शानदार अकादमिक रिकॉर्ड पर्याप्त नहीं होते। कंपनियां उम्मीदवारों की कोडिंग क्षमता, एल्गोरिदम की समझ, गणितीय सोच और दबाव में जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता पर भी ध्यान देती हैं।
इसलिए छात्रों के लिए वायरल पोस्ट का सबसे बड़ा संदेश 40 लाख रुपये की सैलरी नहीं, बल्कि उसके पीछे की लंबी तैयारी और लगातार स्किल डेवलपमेंट है।कंपटेटिव प्रोग्रामिंग, मैथमेटिकल रिजनिंग और प्रोब्लम सॉल्विंग जैसी स्किल्स को मजबूत करने में वर्षों की मेहनत लग सकती है।
क्या सच में मिल सकता है 40 लाख रुपये महीना?
इस सवाल का सीधा जवाब इस खास पोस्ट के मामले में देना मुश्किल है, क्योंकि दावे की पुष्टि नहीं हुई है। Reddit पर मौजूद प्रतिक्रियाएं भी मुख्य रूप से यूजर्स की राय हैं। फिर भी, इस वायरल चर्चा ने यह जरूर दिखाया है कि HFT जैसी स्पेशलाइज्ड कंपनियां बेहद प्रतिभाशाली इंजीनियरिंग छात्रों के लिए असाधारण कमाई के अवसर पैदा कर रही हैं। साथ ही, यह भी याद रखना जरूरी है कि ऐसे ऑफर बहुत सीमित और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी होते हैं। किसी वायरल पोस्ट को देखकर हर छात्र के लिए इसी तरह के पैकेज की उम्मीद करना सही नहीं होगा।
डिस्क्लेमर: इस कहानी में किए गए सभी दावे और विचार संबंधित व्यक्ति के निजी अनुभव हैं। ‘लाइव हिंदुस्तान’ वेबसाइट सोशल मीडिया पोस्ट पर किए गए इन दावों की पुष्टि नहीं करती है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.