Inflation News: फरवरी के आखिर से शुरू हुई ईरान और यूएस की जंग ने दुनियाभर की अर्थव्यवस्था को हिला दिया है. बात करें भारत की तो, यहां मिडिल ईस्ट युद्ध के कुछ महीने बाद से ही महंगाई की मार लोगों को पड़ने लगी है. जो अब तक थम नहीं रही है. साल 2026 के शुरुआती सात महीनों में सबसे ज्यादा महंगाई से भरा सातवां महीना यानी जुलाई ही रहा है. हाल ही में आई क्रिसिल की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है.
जुलाई में बढ़ी महंगाई
दरअसल हाल ही में क्रिसिल की इंटेलिजेंस की रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में घर पर खाना बनाना पहले के मुकाबले काफी महंगा हो गया है. थाली महंगी होने की सबसे बड़ी वजह प्याज की कीमतों में 23% की बढ़ोतरी रही. इसके अलावा आलू 4% महंगा हुआ. हालांकि, टमाटर की कीमत में 1% की कमी आई, लेकिन इससे प्याज और अन्य महंगी चीजों का असर कम नहीं हो सका.
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वेज थाली की बढ़ी लागत
जुलाई के महीने में वेज थाली की लागत जून के मुकाबले 2% बढ़कर 29.1 रुपये हो गई है, जो पिछले 7 महीनों का सबसे हाई लेवल है. सालाना आधार पर देखें तो शाकाहारी थाली की कीमत 4% बढ़ी है. इसकी वजह प्याज, खाने के तेल और LPG सिलेंडर की बढ़ती कीमतें हैं. प्याज पिछले साल के मुकाबले 20%, खाने का तेल 11% और LPG सिलेंडर 10% महंगा हो गया है.
नॉन वेज थाली पर भी पड़ा असर
तो वहीं, नॉन-वेज थाली की कीमत जुलाई में जून के मुकाबले नहीं बढ़ी और ये 58.3 रुपये पर ही टिकी रही. हालांकि, पिछले साल जुलाई की तुलना में इसकी कीमत 9% ज्यादा है. रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि मार्च और अप्रैल में महाराष्ट्र में बिन मौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण प्याज की फसल और स्टॉक प्रभावित हुए थे. इसके चलते बाजार में महंगे दाम वाला प्याज पहुंचा और कीमतें बढ़ गईं. वहीं, मिडिल ईस्ट तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं और उसकी वजह से LPG और खाने के तेल की कीमतों में इजाफा हुआ.
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