शतरंज की दुनिया में इस वक्त मुकाबला काफी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया, जहां भारतीय खिलाड़ियों के लिए छठा दौर मिलाजुला रहा। बता दें कि 2026 महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में भारत की आर वैशाली और दिव्या देशमुख ने शानदार वापसी करते हुए अपनी दावेदारी को फिर मजबूत किया, जबकि पुरुष वर्ग में आर प्रज्ञानानंदा की राह थोड़ी मुश्किल होती नजर आ रही है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, वैशाली ने कतेरीना लाग्नो के खिलाफ बेहतरीन खेल दिखाया। काले मोहरों से खेलते हुए उन्होंने शुरुआत में संतुलन बनाए रखा, लेकिन मध्य खेल में प्रतिद्वंद्वी की गलतियों का पूरा फायदा उठाया। खासकर 29वीं और 38वीं चाल पर लाग्नो की चूक मैच का टर्निंग पॉइंट बनी और वैशाली ने अंत तक बढ़त बनाए रखते हुए जीत दर्ज की।
वहीं दूसरी ओर, दिव्या देशमुख का मुकाबला भी उतार-चढ़ाव से भरा रहा। उन्होंने बिबिसारा असाउबायेवा के खिलाफ खेलते हुए एक समय खुद भी गलती की, लेकिन प्रतिद्वंद्वी उस दबाव को संभाल नहीं सकीं। गौरतलब है कि अंत में दिव्या ने स्थिति को संभालते हुए 46 चालों में मुकाबला अपने नाम किया।
बताया जा रहा है कि इस दौर के बाद महिला वर्ग में स्थिति काफी रोमांचक हो गई है, जहां पांच खिलाड़ी एक अंक के अंतर पर बनी हुई हैं। इसमें वैशाली और दिव्या भी शामिल हैं, जिससे भारतीय उम्मीदें अब भी मजबूत बनी हुई हैं।
हालांकि पुरुष वर्ग में आर प्रज्ञानानंदा को निराशा हाथ लगी है। उन्होंने दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में से एक हिकारू नाकामुरा के खिलाफ ड्रॉ खेला। बता दें कि काले मोहरों से ड्रॉ करना आसान नहीं होता, लेकिन मौजूदा अंक तालिका को देखते हुए यह परिणाम उनके लिए ज्यादा फायदेमंद साबित नहीं हुआ है।
मौजूद स्थिति के अनुसार, उजबेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव शीर्ष पर पहुंच गए हैं और उन्होंने अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया है। वहीं प्रज्ञानानंदा अब उनसे काफी पीछे चल रहे हैं, जिससे उनके लिए आगे का रास्ता चुनौतीपूर्ण हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अब आने वाले मुकाबले भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद अहम होंगे। खासकर प्रज्ञानानंदा को वापसी के लिए जीत की जरूरत है, जबकि महिला वर्ग में वैशाली और दिव्या के पास खिताब की दौड़ में बने रहने का अच्छा मौका है।
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